टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई: 146 बिना टिकट यात्री पकड़े गए, 1.19 लाख रुपये का जुर्माना वसूला; पैंट्रीकार में छिपकर कर रहे थे सफर

टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन पर बुधवार को रेलवे प्रशासन द्वारा एक बड़ा चेकिंग अभियान चलाया गया। झांसी रेल मंडल की विशेष टीम ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ यह कड़ी कार्रवाई की। इस अभियान के दौरान कुल 146 यात्रियों को बिना वैध टिकट यात्रा करते हुए पकड़ा गया। इन सभी यात्रियों से रेलवे नियमों के तहत कुल 1 लाख 19 हजार 485 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। इसके अलावा, दो अलग-अलग ट्रेनों के पैंट्रीकार (रसोई घर) में छिपकर सफर कर रहे लोगों को भी बाहर निकाला गया, जो बिना टिकट यात्रा करने का अनोखा और गैरकानूनी तरीका अपना रहे थे।
बुधवार को चलाए गए इस विशेष चेकिंग अभियान की अगुवाई झांसी रेल मंडल की टीम ने की। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन पर आने और जाने वाली ट्रेनों में सघन जांच की गई। इस दौरान ट्रेनों के अंदर विभिन्न कोचों में मौजूद यात्रियों के टिकट की बारीकी से जांच की गई। जब टीम ने जांच शुरू की तो बड़ी संख्या में ऐसे यात्री मिले जिनके पास कोई वैध रेलवे टिकट नहीं था या जिन्होंने अपनी मंजिल से कम दूरी का टिकट लेकर अधिक दूरी की यात्रा करने का प्रयास किया था। रेलवे अधिनियम के प्रावधानों के तहत इन सभी 146 यात्रियों पर कार्रवाई करते हुए उनसे कुल 1,19,485 रुपये का भारी जुर्माना वसूला गया।
इस चेकिंग अभियान का सबसे चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया जब रेलवे की टीम ने दो अलग-अलग ट्रेनों के पैंट्रीकार की जांच की। पैंट्रीकार ट्रेन का वह हिस्सा होता है जहां यात्रियों के लिए भोजन तैयार किया जाता है और खाने-पीने की व्यवस्था होती है। आम तौर पर इस हिस्से में केवल पैंट्री स्टाफ और कैटरिंग कर्मचारियों का ही प्रवेश होता है। हालांकि, टीम को यहां कुछ ऐसे लोग मिले जो पैंट्रीकार के अंदर छिपकर सफर कर रहे थे। इन लोगों ने टिकट खरीदने से बचने के लिए पैंट्रीकार को अपना ठिकाना बना लिया था, ताकि वे टिकट चेकिंग स्टाफ की नजरों से बचे रह सकें। रेलवे टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन सभी लोगों को पैंट्रीकार से नीचे उतारा और उनके खिलाफ नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई की गई।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बिना टिकट यात्रा करना भारतीय रेलवे अधिनियम के तहत एक दंडनीय अपराध है। कई बार यात्री टिकट खरीदने से बचने के लिए विभिन्न हथकंडे अपनाते हैं, जिनमें शौचालय में छिपना, जनरल कोच से आगे बढ़कर स्लीपर या एसी कोच में बैठ जाना, या फिर पैंट्रीकार जैसे प्रतिबंधित क्षेत्रों में छिपकर यात्रा करना शामिल है। टीकमगढ़ में पैंट्रीकार में छिपकर यात्रा करने का मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि यह न केवल रेलवे नियमों का उल्लंघन है, बल्कि खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के लिहाज से भी अनुचित है। पैंट्रीकार में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश से भोजन तैयार करने की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हो सकती है और यात्रियों की सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है।
झांसी रेल मंडल द्वारा समय-समय पर इस तरह के विशेष चेकिंग अभियान चलाए जाते हैं ताकि बिना टिकट यात्रा करने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जा सके। रेलवे का स्पष्ट मानना है कि टिकट राजस्व रेलवे के सुचारू संचालन, यात्री सुविधाओं में सुधार और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों के कारण रेलवे को हर साल करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होता है। इसी नुकसान को रोकने और यात्रियों में नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बुधवार को टीकमगढ़ स्टेशन पर यह सख्त अभियान चलाया गया।
रेलवे प्रशासन ने इस कार्रवाई के बाद सभी यात्रियों से अपील की है कि वे बिना वैध टिकट के यात्रा करने से बचें। यदि कोई यात्री बिना टिकट पाया जाता है, तो उसे नियमानुसार भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है और गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है। रेलवे ने यात्रियों से कहा है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपना टिकट अवश्य खरीदें और यदि टिकट लेने में कोई समस्या आ रही है तो वे रेलवे स्टेशन पर मौजूद हेल्पडेस्क या टीटीई (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) से संपर्क करें।
टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन पर हुई इस कार्रवाई से बिना टिकट यात्रा करने वालों में हड़कंप मच गया है। 146 यात्रियों के पकड़े जाने और उनसे लगभग 1.20 लाख रुपये का जुर्माना वसूले जाने की घटना ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि रेलवे प्रशासन अब ऐसे मामलों को लेकर बेहद सख्त हो गया है। झांसी रेल मंडल की टीम ने साबित कर दिया है कि चाहे यात्री किसी भी तरीके से, चाहे वह पैंट्रीकार में छिपकर ही क्यों न हो, बिना टिकट सफर करने की कोशिश करे, रेलवे की निगरानी से बचना संभव नहीं है। भविष्य में भी इस प्रकार के चेकिंग अभियान नियमित रूप से जारी रखे जाएंगे ताकि रेलवे के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके और ईमानदारी से टिकट खरीदकर यात्रा करने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

