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संजय दत्त की बेटी त्रिशाला दत्त एक समय बॉलीवुड में आना चाहती थीं। इसकी वजह एक्टिंग का सपना नहीं, बल्कि पिता के करीब रहना था। त्रिशाला ने इन्साइड थॉट्स आउट लाउड पॉडकास्ट में कहा कि बचपन में उन्हें लगता था कि फिल्मों में आने से वह पिता के साथ ज्यादा समय बिता पाएंगी। त्रिशाला, संजय दत्त और उनकी पहली पत्नी ऋचा शर्मा की बेटी हैं। ऋचा का 1996 में ब्रेन ट्यूमर से निधन हुआ था। इसके बाद त्रिशाला अमेरिका में नाना-नानी के साथ पली-बढ़ीं। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने बॉलीवुड में आने की इच्छा जताई, तब संजय दत्त ने पूछा था कि क्या एक्टिंग सच में उनका पैशन है। त्रिशाला के मुताबिक, उन्होंने पिता से कहा था कि वह सिर्फ उनके करीब रहना चाहती हैं। इस पर संजय दत्त ने समझाया कि सिर्फ स्टार किड होने से कोई ए-लिस्ट एक्ट्रेस नहीं बनता। उन्होंने बेटी को वही करने की सलाह दी, जिसमें उसकी असली रुचि हो। त्रिशाला ने कहा कि उनके पिता जिंदगी में मुश्किल दौर से गुजरे हैं। उन्होंने हमेशा उन्हें सही दिशा दिखाने की कोशिश की। बॉलीवुड में करियर बनाने के बजाय त्रिशाला ने मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र चुना। वह अब थेरेपिस्ट हैं। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में मानसिक स्वास्थ्य पर कम खुलकर बात होती है। वह लोगों को बताना चाहती थीं कि संघर्ष सामान्य है। त्रिशाला ने दीपिका पादुकोण की भी तारीफ की, जिन्होंने डिप्रेशन पर खुलकर बात की थी। त्रिशाला ने बताया कि उन्होंने माता-पिता के साथ सामान्य पारिवारिक जिंदगी नहीं जी। वह बचपन से अमेरिका में रहीं और भारत कम आ पाती थीं। हालांकि, उन्होंने कहा कि जब भी वह संजय दत्त के साथ होती हैं, उन्हें सामान्य पिता-बेटी जैसा रिश्ता महसूस होता है।
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पापा के करीब रहने बॉलीवुड में आना चाहती थीं त्रिशाला:संजय दत्त की सलाह के बाद एक्टिंग छोड़ी, अब मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ बन चुकी हैं
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