Fri, 09 Oct 202610:36 AM
Fri, Oct 9, 2026Updated 10:36 AM IST
होम › विदेश

ट्रंप का नोबेल शांति पुरस्कार पर बड़ा दावा: कहा- मैंने 8 युद्ध रुकवाए, नहीं दिया तो कमेटी की होगी बदनामी

WhatsAppFacebookX

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर अपना दावा जताया है और इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए खुद को सबसे योग्य उम्मीदवार बताया है। वाशिंगटन में दिए गए अपने एक बयान में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने वैश्विक स्तर पर आठ युद्धों को रुकवाया है और दुनिया को तबाह होने से बचाया है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि नोबेल समिति उन्हें यह पुरस्कार नहीं देती है, तो इससे समिति की ही बदनामी होगी। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वह लगातार अपनी विदेश नीति और वैश्विक संघर्षों को सुलझाने के प्रयासों को लेकर चर्चा में हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन में अपने संबोधन के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह पिछले छह सालों से लगातार नोबेल शांति पुरस्कार की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनके द्वारा किए गए कार्यों और वैश्विक शांति के लिए दिए गए योगदान को देखते हुए यह पुरस्कार उन्हें मिलना चाहिए था। ट्रंप ने दावा किया कि उनके कार्यकाल और उनके व्यक्तिगत हस्तक्षेप के कारण कम से कम आठ अलग-अलग वैश्विक संघर्ष समाप्त हुए हैं या रुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनके प्रयास नहीं होते, तो दुनिया आज एक बहुत बड़ी तबाही का सामना कर रही होती। ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि उन्होंने जो काम किया है, उसकी तुलना किसी अन्य नेता के काम से नहीं की जा सकती।

ट्रंप ने नोबेल समिति को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर समिति उनके द्वारा किए गए शांति के कार्यों को नजरअंदाज करती है और उन्हें यह पुरस्कार नहीं दिया जाता है, तो इसका सीधा असर नोबेल समिति की साख पर पड़ेगा। उनका मानना है कि समिति को निष्पक्ष रूप से उनके योगदान का मूल्यांकन करना चाहिए। ट्रंप ने कहा कि वह पिछले छह वर्षों से इस पुरस्कार के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें यह सम्मान नहीं मिला है। उन्होंने इसे अपनी उपलब्धियों की अनदेखी करार दिया।

यह पहली बार नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर इस तरह का दावा किया हो। अपने राजनीतिक करियर के दौरान, विशेषकर अपने पहले कार्यकाल और उसके बाद से, ट्रंप कई मौकों पर यह कह चुके हैं कि उन्होंने मध्य पूर्व और अन्य क्षेत्रों में ऐतिहासिक शांति समझौते कराए हैं। हालांकि, वाशिंगटन में दिए गए इस ताजा बयान में उन्होंने सीधे तौर पर आठ युद्धों को रोकने का जिक्र किया है, जो उनके पिछले दावों से अधिक व्यापक है। स्रोत में इन आठ विशिष्ट युद्धों या संघर्षों के नामों का विवरण नहीं दिया गया है, जिन्हें ट्रंप ने रुकवाने का दावा किया है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि वे किन-किन देशों या क्षेत्रों के संघर्षों की बात कर रहे हैं।

नोबेल शांति पुरस्कार दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक है, जो हर साल नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में दिया जाता है। इस पुरस्कार के लिए नामांकन और चयन की प्रक्रिया नोबेल समिति द्वारा की जाती है, जिसमें दुनिया भर के नेताओं, सांसदों, विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों और पूर्व विजेताओं द्वारा सिफारिशें भेजी जाती हैं। ट्रंप का यह दावा ऐसे समय में सामने आया है जब वैश्विक राजनीति में कई मोर्चों पर तनाव बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में उनकी विदेश नीति हमेशा से चर्चा का विषय रही है, और उनके समर्थक उनके शांति प्रयासों की सराहना करते रहे हैं।

ट्रंप के इस बयान पर अभी तक नोबेल समिति की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि क्या औपचारिक रूप से किसी ने इस वर्ष के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए ट्रंप का नामांकन किया है या नहीं। नोबेल समिति आमतौर पर नामांकनों को 50 वर्षों तक गोपनीय रखती है, इसलिए बाहरी तौर पर इसकी पुष्टि करना कठिन होता है। ट्रंप ने अपने बयान में जिस आत्मविश्वास के साथ आठ युद्ध रुकवाने और दुनिया को तबाही से बचाने का दावा किया है, वह उनके नियमित बयानबाजी के तरीके से मेल खाता है।

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन में दिए गए अपने इस ताजा बयान में नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर अपनी छह साल पुरानी मांग को दोहराया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनके अनुसार, वैश्विक स्तर पर आठ युद्धों को खत्म कराने का श्रेय उन्हें जाता है। उनके मुताबिक, यदि नोबेल समिति इन उपलब्धियों को दरकिनार करती है, तो इससे पुरस्कार देने वाली संस्था की प्रतिष्ठा को ही नुकसान पहुंचेगा। फिलहाल, ट्रंप के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने वाले विस्तृत आंकड़े स्रोत में उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन उनका यह बयान अंतरराष्ट्रीय मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।