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Mon, Oct 12, 2026Updated 2:05 PM IST
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तरनतारन: इटली भेजने के नाम पर आर्मेनिया पहुंची बेटी की मौत, सदमे में पिता ने सुसाइड किया; पत्नी ने लगाए ठगी और आपत्तिजनक बातों के आरोप

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पंजाब के तरनतारन जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें प्रवासी धोखाधड़ी (इमीग्रेशन फ्रॉड) ने एक परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया। विदेश भेजने के नाम पर हो रही ठगी का शिकार हुई एक युवती की आर्मेनिया में मौत हो गई, जिसके बाद इस गहरे सदमे को बर्दाश्त न कर पाने के कारण उसके पिता ने आत्महत्या कर ली। मृतक युवती के परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी को इटली भेजने का झांसा देकर 3.50 लाख रुपये की ठगी की गई थी, लेकिन उसे इटली के बजाय आर्मेनिया भेज दिया गया, जहां बीते 2 जुलाई को उसकी मृत्यु हो गई। वहीं, इस पूरे मामले में पीड़ित परिवार की ओर से यह भी गंभीर आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने पैसे ठगने के साथ-साथ आपत्तिजनक बातें भी कहीं।

यह घटना पंजाब में चल रहे अवैध इमीग्रेशन रैकेट और ट्रैवल एजेंटों द्वारा की जा रही धोखाधड़ी की एक और भयावह तस्वीर पेश करती है। तरनतारन निवासी इस परिवार ने अपनी बेटी का भविष्य संवारने और उसे विदेश में बेहतर रोजगार व जीवन देने के उद्देश्य से कुछ लोगों पर भरोसा किया था। परिवार के अनुसार, उन्हें यह आश्वासन दिया गया था कि उनकी बेटी को यूरोपीय देश इटली भेजा जाएगा। इस काम के लिए एजेंटों या बिचौलियों ने परिवार से 3.50 लाख रुपये की मोटी रकम वसूली। एक मध्यम वर्गीय परिवार के लिए यह रकम जुटाना आसान नहीं होता, लेकिन बेटी के सुनहरे भविष्य की उम्मीद में उन्होंने किसी तरह यह पैसा इकट्ठा करके संबंधित लोगों को सौंप दिया।

हालांकि, परिवार का आरोप है कि उनके साथ विश्वासघात किया गया। उन्हें बताया गया कि बेटी इटली जा रही है, लेकिन वास्तविकता में उसे इटली के बजाय आर्मेनिया भेज दिया गया। आर्मेनिया अक्सर उन अवैध मार्गों का हिस्सा होता है, जिनका उपयोग एजेंट यूरोप में प्रवेश कराने के लिए करते हैं। जब बेटी आर्मेनिया पहुंची, तो वहां परिस्थितियां वैसी नहीं थीं जैसा उसे या उसके परिवार को बताया गया था। इसी दौरान 2 जुलाई को आर्मेनिया में ही उस युवती की मौत हो गई। बेटी की विदेश में असमय मौत की खबर जैसे ही तरनतारन स्थित उसके घर पहुंची, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

बेटी की मौत का सदमा इतना गहरा था कि उसके पिता इसे सहन नहीं कर पाए। पिता मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गए और उन्होंने अपने जीवन की इहलीला समाप्त करने का निर्णय ले लिया। पिता ने आत्महत्या कर ली, जिससे परिवार में मातम पसर गया। अब उस परिवार ने न केवल अपनी बेटी को खोया है, बल्कि पिता को भी खो दिया है। यह दोहरी त्रासदी उस धोखाधड़ी का सीधा परिणाम है, जिसका शिकार वे हुए।

इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतक युवती की मां और पीड़ित पिता की पत्नी ने सामने आकर आरोपियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्नी ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी बेटी को इटली के नाम पर आर्मेनिया भेजा गया और इस पूरी प्रक्रिया में उनसे पैसे ठगे गए। 3.50 लाख रुपये लेने के बाद भी बेटी को सुरक्षित और सही गंतव्य तक नहीं पहुंचाया गया। इसके अलावा, पत्नी ने यह भी खुलासा किया कि आरोपियों की ओर से आपत्तिजनक बातें भी कही गईं। हालांकि, स्रोत जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ये आपत्तिजनक बातें किस संदर्भ में, किस समय और किस व्यक्ति के द्वारा कही गईं, लेकिन परिवार ने इसे अपनी शिकायत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।

पंजाब में विदेश भेजने के नाम पर होने वाली ठगी कोई नई घटना नहीं है। हर साल हजारों युवा बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश जाने का सपना देखते हैं, और कई बार अनजाने में ऐसे गिरोहों के चक्कर में पड़ जाते हैं जो उन्हें गलत देशों में भेज देते हैं या अवैध रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। आर्मेनिया जैसे देशों को अक्सर यूरोप में दाखिल होने के लिए ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जहां प्रवासियों को भारी जोखिम का सामना करना पड़ता है। तरनतारन का यह मामला इसी कड़वी सच्चाई को उजागर करता है कि कैसे एक गलत कदम पूरे परिवार को हमेशा के लिए तबाह कर सकता है।

परिवार की ओर से लगाए गए इन संगीन आरोपों के बाद अब पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। यह देखा जाना बाकी है कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई कितनी तेजी से होती है और आरोपियों की पहचान करके उनके खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं। परिवार को न्याय की उम्मीद है, लेकिन बेटी और पिता दोनों की मौत ने जो रिक्तता छोड़ी है, उसकी भरपाई किसी भी सजा से संभव नहीं है। तरनतारन के इस इमीग्रेशन फ्रॉड मामले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोगों को अवैध ट्रैवल एजेंटों से सावधान रहने की चेतावनी दी है।