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Sun, Oct 11, 2026Updated 4:11 PM IST
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तरनतारन में कांग्रेस ने मनाया ‘ब्लैक डे’: राहुल गांधी से बदसलूकी के विरोध में किया प्रदर्शन, पीएम मोदी का पुतला फूंका

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तरनतारन। पंजाब के तरनतारन जिले में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने रविवार को ‘ब्लैक डे’ मनाकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ तीखा विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और इंडिया अलायंस के सांसदों के साथ कथित तौर पर हुई बदसलूकी तथा लाठीचार्ज की घटना के विरोध में आयोजित किया गया था। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने भारी नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला भी फूंका, जिससे शहर के चार खंभा चौक पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल पैदा हो गया।

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के इंचार्ज सचिन पायलट और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह के स्पष्ट निर्देशों पर जिला कांग्रेस कमेटी तरनतारन द्वारा इस व्यापक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। सुबह से ही कांग्रेस भवन तरनतारन में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। सभी कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों में काली पट्टियां बांध रखी थीं और वे केंद्र सरकार के खिलाफ लगातार नारेबाजी कर रहे थे। कांग्रेस भवन में आयोजित इस धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने संसद और उसके बाहर विपक्षी नेताओं के साथ किए जा रहे व्यवहार की कड़ी निंदा की।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र के सर्वोच्च सदन में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की आवाज को दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और इंडिया अलायंस के अन्य सांसदों के साथ जो बदसलूकी और लाठीचार्ज हुआ है, वह लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों का सीधा हनन है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे केंद्र सरकार की तानाशाही प्रवृत्ति करार दिया और कहा कि जब तक विपक्ष के साथ उचित व्यवहार नहीं किया जाएगा, तब तक कांग्रेस का यह विरोध अभियान जारी रहेगा।

कांग्रेस भवन में आयोजित प्रदर्शन के बाद, जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का एक बड़ा जुलूस निकाला गया। यह जुलूस कांग्रेस भवन से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ चार खंभा चौक पर पहुंचा। जुलूस में शामिल सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर, तख्तियां और काले झंडे उठा रखे थे, जिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ विभिन्न नारे लिखे हुए थे। पूरे रास्ते कार्यकर्ता केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते रहे।

चार खंभा चौक पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंकने का कार्यक्रम शुरू किया। जैसे ही पुतले में आग लगाई गई, वहां मौजूद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने ‘मोदी सरकार हाय-हाय’ और ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए। पुतला दहन के दौरान वहां मौजूद लोगों ने केंद्र सरकार की नीतियों और विपक्ष के प्रति उनके रवैये की कड़े शब्दों में आलोचना की। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके और यातायात व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे।

जिला कांग्रेस कमेटी तरनतारन के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब इंचार्ज सचिन पायलट और प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह के आह्वान पर पूरे राज्य में इस तरह के विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तरनतारन जिले के कार्यकर्ताओं ने अपनी एकजुटता और पार्टी के प्रति निष्ठा का परिचय दिया है। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते रहें और किसी भी प्रकार की उकसावे वाली कार्रवाई से बचें।

इंडिया अलायंस के सांसदों के साथ हुई कथित घटना को लेकर कांग्रेस ने इसे केवल एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र पर हमला बताया है। पार्टी का मानना है कि संसद में विपक्ष को बोलने का अधिकार मिलना चाहिए और यदि सरकार ऐसा करने से रोक रही है, तो इसके खिलाफ सड़कों पर उतरना हर नागरिक और हर विपक्षी दल का कर्तव्य है। तरनतारन में हुए इस ‘ब्लैक डे’ के आयोजन ने एक बार फिर से यह संदेश देने का प्रयास किया कि कांग्रेस कार्यकर्ता अपने शीर्ष नेतृत्व के साथ पूरी तरह से खड़े हैं।

प्रदर्शन के दौरान कई स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने हमेशा आम जनता और किसानों की आवाज उठाई है, और उसी आवाज को दबाने के लिए इस तरह की कार्रवाइयां की जा रही हैं। चार खंभा चौक पर पुतला दहन के बाद, प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक कांग्रेस भवन लौट आए। हालांकि, जिला कांग्रेस कमेटी ने यह स्पष्ट किया है कि यदि विपक्षी सांसदों के साथ होने वाली ऐसी घटनाएं नहीं रुकीं, तो आने वाले दिनों में और भी बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। तरनतारन में हुए इस प्रदर्शन ने पंजाब में कांग्रेस के तेवरों को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है।