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Mon, Oct 12, 2026Updated 12:16 PM IST
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तरनतारन में पुलिस और BSF का संयुक्त अभियान: डेढ़ किलो से अधिक हेरोइन और दो पाकिस्तानी ड्रोन बरामद, एक आरोपी फरार

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पंजाब के सीमावर्ती जिले तरनतारन में नशीले पदार्थों की तस्करी और ड्रोन के जरिए होने वाली घुसपैठ के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। सराय अमानत खां पुलिस थाने की टीम और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने मिलकर संयुक्त अभियान चलाया, जिसमें 1.5 किलोग्राम से अधिक हेरोइन और दो पाकिस्तानी ड्रोन बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई अलग-अलग स्थानों पर की गई, जो भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे इस संवेदनशील क्षेत्र में तस्करों की सक्रियता को उजागर करती है। हालांकि, इस पूरे मामले में एक आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से छापेमारी की जा रही है।

सीमावर्ती क्षेत्र तरनतारन में नशे की तस्करी और ड्रोन के इस्तेमाल से जुड़े मामलों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पिछले काफी समय से सतर्क थीं। इसी कड़ी में सराय अमानत खां पुलिस और बीएसएफ के जवानों ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर अलग-अलग कार्रवाइयां कीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहली कार्रवाई में पुलिस और बीएसएफ की संयुक्त टीम ने नशीले पदार्थों की खेप को पकड़ने में सफलता प्राप्त की। इस दौरान मौके से 1.5 किलोग्राम से अधिक हेरोइन जब्त की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त की गई इस हेरोइन की कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। यह खेप किस रूट से लाई जा रही थी और इसका अंतिम गंतव्य क्या था, इस संबंध में पुलिस द्वारा गहन पूछताछ और जांच की जा रही है।

हेरोइन की बरामदगी के अलावा, इसी संयुक्त अभियान के तहत सुरक्षा बलों ने दो पाकिस्तानी ड्रोन भी बरामद किए हैं। इन ड्रोनों की बरामदगी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सीमा पार से बैठे तस्कर और आतंकी संगठन पंजाब में नशा और हथियार भेजने के लिए लगातार तकनीक का सहारा ले रहे हैं। हाल के वर्षों में पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान से उड़ाए जाने वाले ड्रोनों की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। ये ड्रोन मुख्य रूप से रात के अंधेरे या प्रतिकूल मौसम का फायदा उठाकर सीमा पार करते हैं और निर्धारित लोकेशन पर हेरोइन या अन्य प्रतिबंधित सामग्री गिराकर वापस लौट जाते हैं। तरनतारन में बरामद किए गए दोनों ड्रोन पाकिस्तानी निर्मित बताए जा रहे हैं, जिन्हें सुरक्षा बलों ने अपने कब्जे में ले लिया है। अब फॉरेंसिक जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि इन ड्रोनों का इस्तेमाल पहले कितनी बार किया जा चुका है और इन्हें किस नेटवर्क के जरिए ऑपरेट किया जा रहा था।

सूत्रों के मुताबिक, इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस और बीएसएफ ने कुछ संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है, हालांकि इस मामले में शामिल एक प्रमुख आरोपी अभी फरार चल रहा है। फरार आरोपी की पहचान और उसके ठिकानों का पता लगाने के लिए पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई हैं। माना जा रहा है कि फरार आरोपी इस पूरी तस्करी के नेटवर्क में अहम भूमिका निभा रहा था और सुरक्षा बलों की भनक लगते ही वह मौके से भागने में कामयाब रहा। सराय अमानत खां पुलिस थाने में इस संबंध में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

तरनतारन जिला भारत-पाकिस्तान सीमा से सटा हुआ है, जिसके कारण यह क्षेत्र हमेशा से तस्करों और विरोधी ताकतों के निशाने पर रहता है। पंजाब में नशे की समस्या पहले से ही एक गंभीर मुद्दा है, और सीमा पार से आने वाली हेरोइन इस समस्या को और अधिक विकराल बना रही है। ऐसे में पुलिस और बीएसएफ का यह संयुक्त अभियान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और साझा खुफिया तंत्र की बदौलत ही इस बड़ी बरामदगी को अंजाम दिया जा सका है।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी को रोकने के लिए सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम और रडार नेटवर्क को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। बीएसएफ के जवान सीमा पर दिन-रात चौकसी बरत रहे हैं, लेकिन तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल ने चुनौतियों को कई गुना बढ़ा दिया है। तरनतारन में 1.5 किलो हेरोइन और दो ड्रोन की बरामदगी से तस्करों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। पुलिस और बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नशा तस्करी और ड्रोन के अवैध इस्तेमाल के खिलाफ ऐसे अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे। फरार आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया गया है, ताकि इस तस्करी के पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके।