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Thu, Oct 8, 2026Updated 5:45 PM IST
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तरनतारन में सरपंच अश्वनी कुमार की हत्या: गैंगस्टर गुरजंट ज्वंदा और यादा चंबा ने सोशल मीडिया पर ली जिम्मेदारी, साथियों की मौत का बताया बदला

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वंदे भारत न्यूज़, तरनतारन। पंजाब के तरनतारन जिले के पट्टी इलाके में हुई सरपंच अश्वनी कुमार की हत्या के मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस सनसनीखेज वारदात की जिम्मेदारी कुख्यात गैंगस्टर गुरजंट ज्वंदा और यादा चंबा ने ली है। दोनों गैंगस्टरों ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी करके इस हत्याकांड को अपने ग्रुप द्वारा अंजाम दिए जाने का दावा किया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में स्पष्ट रूप से कहा है कि यह हत्या उनके गैंग के मारे गए सदस्यों अजमीत और गोरे झुग्गियां की मौत का बदला लेने के लिए की गई है। इस घटना के बाद पूरे तरनतारन जिले और विशेषकर पट्टी क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है, जबकि पुलिस प्रशासन ने जांच को तेज कर दिया है।

यह हत्याकांड 6 अक्टूबर की शाम को तरनतारन जिले के पट्टी उपमंडल के अंतर्गत आने वाले गांव तूत में हुआ। गांव के निवासियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, सरपंच अश्वनी कुमार उस समय हमले का शिकार हुए, जब वे शाम के वक्त अपने रोजमर्रा के कार्यों में व्यस्त थे। अचानक हुए इस जानलेवा हमले ने पूरे गांव को सहमा दिया। सरपंच की हत्या की खबर मिलते ही गांव तूत और आसपास के क्षेत्रों में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना पाते ही भारी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और इस वारदात की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे।

इस हत्याकांड के बाद अब गैंगस्टर गुरजंट ज्वंदा और यादा चंबा का नाम सामने आने से मामले ने संगठित अपराध का रूप ले लिया है। इन दोनों गैंगस्टरों ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके न सिर्फ हत्या की जिम्मेदारी ली है, बल्कि इसके पीछे का मकसद भी सार्वजनिक किया है। उनकी ओर से डाली गई पोस्ट में दावा किया गया है कि यह वारदात किसी साधारण विवाद का परिणाम नहीं है, बल्कि यह एक सुनियोजित बदले की कार्रवाई थी। गैंगस्टरों ने उल्लेख किया है कि उनके ग्रुप के दो सदस्य अजमीत और गोरे झुग्गियां पहले मारे जा चुके हैं, और सरपंच अश्वनी कुमार की हत्या उन दोनों की मौत का सीधा बदला है।

सोशल मीडिया पर गैंगस्टरों द्वारा इस तरह से खुलेआम हत्या की जिम्मेदारी लेना और धमकी भरी पोस्ट डालना कानून व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती माना जा रहा है। पंजाब में पिछले कुछ समय से गैंगस्टरों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग अपने संदेश फैलाने, दहशत पैदा करने और अपने प्रतिद्वंद्वियों को धमकाने के लिए किया जा रहा है। गुरजंट ज्वंदा और यादा चंबा की यह पोस्ट भी इसी क्रिमिनल ट्रेंड का हिस्सा बताई जा रही है, जिसमें अपराधी डिजिटल माध्यमों का सहारा लेकर अपना वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सोशल मीडिया पर आई इस पोस्ट की तकनीकी जांच (साइबर फोरेंसिक) कराई जाएगी ताकि इसे अपलोड करने वाले की लोकेशन और पहचान का सटीक पता लगाया जा सके।

गांव तूत में सरपंच की हत्या से स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी गहरा असर पड़ा है। एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि की इस तरह से दिनदहाड़े या शाम के समय हत्या किए जाने से अन्य पंचायत प्रतिनिधियों और आम नागरिकों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में गैंगस्टरों के बीच चल रही पुरानी रंजिश का खामियाजा अब बेकसूर लोगों और जनप्रतिनिधियों को भुगतना पड़ रहा है। अजमीत और गोरे झुग्गियां की पिछली मौतों का जिक्र भी इस बात की पुष्टि करता है कि इस क्षेत्र में गैंगवार की एक लंबी श्रृंखला चल रही है, जो अब सरपंच अश्वनी कुमार की हत्या के रूप में एक और खौफनाक अध्याय जुड़ गई है।

पुलिस प्रशासन ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। तरनतारन पुलिस और पट्टी थाने की टीमों ने घटनास्थल का मुआयना किया है और साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गैंगस्टर गुरजंट ज्वंदा और यादा चंबा द्वारा सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट के आधार पर जांच की दिशा तय की जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि क्या सोशल मीडिया पर किया गया यह दावा पूरी तरह से सत्य है या यह केवल दहशत फैलाने की एक रणनीति है। पुलिस सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच कर रही है, जिसमें सरपंच अश्वनी कुमार के पूर्व के विवादों, उनके संपर्कों और गैंगस्टरों द्वारा बताए गए मकसद की सच्चाई शामिल है।

पुलिस की कई टीमें आरोपी गैंगस्टरों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। यह आशंका जताई जा रही है कि वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर पंजाब से बाहर या राज्य की सीमावर्ती क्षेत्रों में भाग गए हो सकते हैं। पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया है ताकि जल्द से जल्द हत्यारों और इस साजिश को रचने वालों तक पहुंचा जा सके। वहीं, साइबर सेल की टीम भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए गैंगस्टरों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

यह मामला पंजाब में बढ़ते गैंगस्टर कल्चर और आपसी रंजिश में हो रही हत्याओं की ओर एक बार फिर ध्यान खींचता है। तरनतारन जैसे संवेदनशील सीमावर्ती जिले में इस प्रकार की घटनाएं प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती पेश करती हैं। सरपंच अश्वनी कुमार की हत्या और उसके बाद गैंगस्टरों द्वारा सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने की इस घटना ने पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में शामिल हर व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून अपना काम करेगा। फिलहाल, गांव तूत में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और स्थानीय लोगों को सुरक्षा का अहसास कराया जा सके।