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Sat, Oct 10, 2026Updated 10:40 AM IST
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उज्जैन सिंहस्थ 2028: सड़क निर्माण में देरी पर नगर निगम सख्त, पंचमुखी हनुमान-जंतर मंतर रोड के ठेकेदार पर लगा 5 लाख का जुर्माना

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उज्जैन। वंदे भारत न्यूज़ डेस्क।

मध्य प्रदेश के पवित्र धार्मिक नगरी उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले भव्य सिंहस्थ मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तेजी से काम चल रहा है। इसी कड़ी में शहर के विभिन्न मार्गों के चौड़ीकरण और नए सड़क निर्माण के कार्य भी युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं। हालांकि, इन महत्वपूर्ण कार्यों में हो रही देरी और गुणवत्ता को लेकर अब उज्जैन नगर निगम ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सिंहस्थ 2028 से जुड़े किसी भी बुनियादी ढांचे के निर्माण कार्य में लापरवाही या धीमी गति बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी सख्ती के तहत पंचमुखी हनुमान मंदिर से जंतर मंतर रोड तक चल रहे सड़क निर्माण कार्य में सुस्ती पाए जाने पर नगर निगम आयुक्त ने संबंधित ठेकेदार पर 5 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाने का सीधा निर्देश दिया है।

बता दें कि उज्जैन में हर बारह साल में आयोजित होने वाला सिंहस्थ मेला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होता है। वर्ष 2028 के सिंहस्थ को देखते हुए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। मेले के दौरान शिप्रा नदी में शाही स्नान के लिए देश-विदेश से आने वाले साधु-संतों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए शहर की सड़कों का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण करना सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए नगर निगम द्वारा कई प्रमुख मार्गों पर निर्माण कार्य दिए गए हैं, ताकि समय रहते सभी सड़कें यातायात के अनुकूल बनाई जा सकें। लेकिन कुछ ठेकेदारों द्वारा कार्यों में की जा रही देरी ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी थीं, जिसके बाद यह कड़ा कदम उठाया गया है।

नगर निगम आयुक्त द्वारा हाल ही में सिंहस्थ 2028 से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा के लिए मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया। इस दौरान जब अधिकारियों का दल पंचमुखी हनुमान मंदिर से लेकर जंतर मंतर रोड तक पहुंचा, तो वहां चल रहे सड़क निर्माण और चौड़ीकरण कार्य की रफ्तार बेहद धीमी पाई गई। निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि जिस गति से यह काम पूरा होना चाहिए था, ठेकेदार द्वारा उस मानक के अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा है। काम में हो रही इस सुस्ती को नगर निगम ने गंभीरता से लिया, क्योंकि सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन के लिए समयसीमा का पालन किया जाना अत्यंत आवश्यक है। यदि सड़कें समय पर नहीं बन पाईं, तो मेले के दौरान यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा सकती है, जिससे श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

इसी लापरवाही और कार्य में देरी को संज्ञान में लेते हुए उज्जैन नगर निगम आयुक्त ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित ठेकेदार पर 5 लाख रुपये की पेनल्टी (जुर्माना) लगाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। निगम की ओर से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सरकारी कार्यों और विशेष रूप से सिंहस्थ जैसे राष्ट्रीय एवं धार्मिक महत्व के आयोजनों की तैयारियों में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। आयुक्त ने यह भी निर्देश दिया है कि भविष्य में यदि कोई अन्य ठेकेदार अपने आवंटित कार्य में इसी तरह की देरी करता हुआ या गुणवत्ता में समझौता करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ भी इसी प्रकार की कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि अब से सभी निर्माण कार्यों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाएगी। सड़क चौड़ीकरण और निर्माण के कामों में सिर्फ रफ्तार ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता पर भी पूरा ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए निगम के इंजीनियरिंग विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी टीम के साथ लगातार साइट पर मौजूद रहें और काम की प्रगति की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को समय-समय पर सौंपें। पंचमुखी हनुमान मंदिर और जंतर मंतर रोड का क्षेत्र उज्जैन शहर के अत्यंत व्यस्त और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक है। यहां से होकर प्रतिदिन हजारों वाहन और पैदल यात्री गुजरते हैं। सिंहस्थ के दौरान इस मार्ग पर श्रद्धालुओं का दबाव कई गुना बढ़ जाएगा, इसलिए इस सड़क का समय पर और मजबूत तरीके से तैयार होना निगम के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उज्जैन नगर निगम द्वारा ठेकेदार पर लगाए गए 5 लाख रुपये के इस जुर्माने को शहर के अन्य निर्माण कार्यों को देख रहे ठेकेदारों के लिए एक चेतावनी के रूप में भी देखा जा रहा है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, निगम चाहता है कि सिंहस्थ 2028 की तैयारियां बिना किसी बाधा के और पूर्ण गुणवत्ता के साथ समयसीमा के भीतर पूरी हो जाएं। इस महापर्व को सफल बनाने के लिए बुनियादी ढांचे का दुरुस्त होना पहली शर्त है। ऐसे में निगम की यह सख्ती दर्शाती है कि प्रशासन इस बार तैयारियों को लेकर कितना गंभीर है और जनता की सुविधा तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में शहर के अन्य मार्गों पर भी इसी तरह के सघन निरीक्षण अभियान चलाए जाने की संभावना है, ताकि सभी काम निर्धारित समय पर पूरे हो सकें।