CM बनते ही थलापति विजय किसी फिल्मी नायक की तरह फैसले ले रहे हैं। 48 घंटे में ही 700 से ज्यादा शराब की दुकानें बंद कराने का आदेश दिया। शपथ के मंच से ही 200 यूनिट फ्री बिजली का ऐलान कर दिया था। सोने की चेन, अंगूठी और कैश देने का भी वादा किया है।
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आखिर इन योजनाओं पर कितना पैसा खर्च करने वाले हैं सीएम विजय और तमिलनाडु सरकार के पास पर्याप्त पैसा मौजूद है या नहीं; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में…
सवाल-1: थलापति विजय ने सीएम बनते ही कौन से बड़े फैसले लिए हैं?
जवाब: 10 मई को तमिलनाडु के सीएम पद की शपथ लेने के बाद 48 घंटे में विजय ने 4 बड़े फैसले लिए…
1. 200 यूनिट फ्री बिजली
- जो घरेलू उपभोक्ता हर दो महीने में 500 यूनिट तक बिजली खर्च करते हैं। उन्हें 200 यूनिट बिजली फ्री दी जाएगी।
- विजय की पार्टी TVK ने अपने चुनावी वादों में इसे शामिल किया था। इससे करीब 2.4 करोड़ घरेलू बिजली कनेक्शन वालों को फायदा होगा।
2. हर जिले में एंटी-ड्रग टास्क फोर्स
- तमिलनाडु के हर जिले में करीब 65 एंटी-ड्रग टास्क फोर्स (ANTF) बनाकर नशीले पदार्थों की तस्करी, बिक्री और इस्तेमाल पर सख्त कार्रवाई होगी। इसकी निगरानी सीधे सीएम विजय करेंगे।
3. महिलाओं के लिए स्पेशल टास्क फोर्स
- ‘सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स’ नाम से महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक स्पेशल यूनिट बनेगी। इसका काम महिला अपराध रोकना, रैपिड एक्शन और शिकायतों का जल्दी निपटारा करना है।
- ये TVK का चुनावी वादा था। पिछले साल की एक स्टडी के मुताबिक, 2019 से 2024 तक तमिलनाडु में महिलाओं के खिलाफ 40% अपराध के मामले बढ़े हैं।
4. 717 शराब की दुकानें बंद होंगी
- शैक्षिक संस्थानों, बस स्टैंड और धार्मिक स्थलों के 500 मीटर के दायरे में आने वाली 717 सरकारी शराब की दुकानें बंद होंगी।
- कुल 4,765 सरकारी शराब की दुकानों में से 276 धार्मिक स्थलों, 186 शैक्षणिक संस्थानों और 255 बस स्टैंड के पास हैं।

तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन यानी TASMAC के तहत तमिलनाडु में कुल 4,765 सरकारी शराब की दुकानें हैं। सरकार की कमाई का 27% हिस्सा इन्हीं से आता है।
सवाल-2: विजय ने और कौन से बड़े वादे किए हैं, जिन्हें जल्द पूरा कर सकते हैं?
जवाब: विजय की पार्टी TVK ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में 4 कैटेगरी में फ्री योजनाओं सहित कई बड़े वादे किए हैं…
1. कैश, सोने की चेन, फ्री यात्रा जैसी महिलाओं से जुड़ी योजनाएं
- 60 साल तक की उम्र वाली ऐसी महिलाएं, जो अपने परिवार की मुखिया हैं, उन्हें हर महीने 2,500 रुपए मिलेंगे।
- ‘अन्नपूर्णी सुपर सिक्स योजना’ के तहत हर परिवार को सालाना 6 मुफ्त LPG सिलेंडर मिलेंगे।
- ‘अन्नन सीर थिट्टम’ यानी ‘भाई की भेंट’ के तहत गरीब परिवार की लड़कियों को शादी पर 8 ग्राम सोना और एक सिल्क साड़ी दी जाएगी।
- ‘थाई मामन थंगा मोथिरम’ योजना के तहत हर नवजात बच्चे को सोने की अंगूठी और एक ‘बेबी वेलकम किट’ दी जाएगी।
- महिलाओं और छात्रों के लिए सभी सरकारी बसों में यात्रा मुफ्त होगी।
- सादे कपड़ों में और बॉडी कैमरा से लैस 500 स्पेशल महिला पुलिस दस्ते बनाए जाएंगे और मामलों की सुनवाई के लिए ‘अंजलाई अम्मल फास्ट-ट्रैक कोर्ट’ बनेंगे।
2. रिजर्वेशन, बेरोजगारी भत्ता जैसी पढ़ाई से जुड़ी योजनाएं
- ‘कामराज शिक्षा आश्वासन योजना’ के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की माताओं को ₹15,000 सालाना दिए जाएंगे।
- हायर एजुकेशन के लिए बिना गारंटी 20 लाख रुपए तक का कर्ज और पीएचडी तक की पढ़ाई के लिए मदद मिलेगी।
- बेरोजगार ग्रेजुएट्स को हर महीने 4,000 रुपए और डिप्लोमा धारकों को 2,500 रुपए भत्ता दिया जाएगा।
- ‘मुथलवर मक्कल सेवाई ननबन’ प्रोग्राम के तहत 5 लाख ग्रामीण स्तर की नौकरियां दी जाएंगी, जिनमें 18,000 रुपए सैलरी होगी।
- प्राइवेट नौकरियों में तमिलनाडु के निवासियों को 75% रिजर्वेशन मिलेगा।
3. कर्ज माफी, कैश जैसी किसानों से जुड़ी योजनाएं
- 5 एकड़ से कम जमीन वाले किसानों का पूरा कर्ज और इससे ज्यादा जमीन वाले किसानों का 50% कर्ज माफ होगा।
- धान के लिए 3,500 रुपए प्रति क्विंटल और गन्ने के लिए 4,500 रुपए प्रति टन का MSP तय किया जाएगा।
- भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को सालाना 10,000 रुपए की सीधी मदद दी जाएगी।
- किसानों को 5 लाख मुफ्त सोलर पंप सेट और 100% फसल बीमा कवर दिया जाएगा।
4. 25 लाख के हेल्थ इंश्योरेंस जैसे स्वास्थ्य और अन्य सेक्टर के वादे
- हर परिवार को 25 लाख रुपए का हेल्थ इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा।
- वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और विकलांगों को 3,000 रुपए मासिक पेंशन दी जाएगी।
- तमिलनाडु को भारत की ‘AI राजधानी’ बनाने के लिए AI मंत्रालय, यूनिवर्सिटी और AI सिटी बनाई जाएगी।
सवाल-3: थलापति विजय की इन योजनाओं पर कितना पैसा खर्च होगा?
जवाब: मोटा-मोटी एनालिसिस है कि इन वादों को पूरा करने के लिए विजय सरकार को सालाना करीब 1 लाख करोड़ रुपए तक खर्च करने पड़ सकते हैं…

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सवाल-4: क्या तमिलनाडु सरकार के पास इन योजनाएं के लिए पर्याप्त पैसा है?
जवाब: तमिलनाडु दूसरे राज्यों के मुकाबले अपनी कमाई के लिए खुद के सोर्सेज पर ज्यादा निर्भर है। राज्य की करीब 75% कमाई खुद के टैक्स यानी राज्य की GST, पेट्रोल और शराब की बिक्री पर लगने वाले टैक्स और स्टैम्प ड्यूटी वगैरह से आती है।
बाकी का करीब 25% हिस्सा केंद्र सरकार से टैक्स डिवॉल्यूशन और अनुदानों के जरिए आता है। महाराष्ट्र के बाद तमिलनाडु की स्टेट जीडीपी देश में सबसे ज्यादा है। 2025-26 में तमिलनाडु की अनुमानित GSDP करीब 35 लाख करोड़ रुपए है।
हालांकि मौजूदा समय में तमिलनाडु की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। राज्य पर कुल 10.5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है। अगले वित्तीय वर्ष में इसके 10.71 लाख करोड़ रुपए पहुंचने का अनुमान है।
इस समय राज्य के खाते में कुल 3.31 लाख करोड़ का राजस्व यानी सालाना कमाई जमा है। इन्हीं पैसों से सरकार कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन देती है, योजनाएं चलाती हैं, अपना ब्याज चुकाती है और सड़क जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाती है। इस पर कुल कमाई का 60% से ज्यादा पैसा खर्च हो जाता है।
इसके बाद नई योजनाओं के लिए बहुत कम पैसा बचता है। विजय सरकार की नई योजनाओं पर सालाना करीब एक लाख करोड़ रुपए यानी तमिलनाडु के रेवेन्यू का लगभग एक-तिहाई हिस्सा खर्च हो जाएगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजय सरकार अगर शराब की बिक्री पर भी सख्ती करती है, तो सालाना कमाई करीब 30 हजार करोड़ रुपए घट जाएगी।
इसके अलावा अगर नई योजनाएं लागू होती हैं, तो राजस्व घाटा GSDP के 1.2% से बढ़कर 3.8% हो जाएगा। साथ ही राजकोषीय घाटा यानी सरकार के पास मौजूद फंड में भी घाटा 3% से बढ़कर 5.6% हो सकता है।
मार्च में चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने DMK को निशाना बनाते हुए कहा था, ‘लोग पूछते हैं कि ‘स्टालिन सर’ जो नहीं कर पाए, वह मैं कैसे करूंगा? राज्य का कुल बजट 4.39 लाख करोड़ रुपए का है, लेकिन उसका 30% हिस्सा ‘स्टालिन सर टैक्स’ यानी 20% मुख्यमंत्री को और 10% उनके मंत्रियों के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। अगर हम इस लूट को रोक दें, तो हमारे पास इन योजनाओं के लिए पर्याप्त पैसा होगा। आप भरोसा रखें, जीत हमारी ही होगी।’
सवाल-5: तो क्या ये योजनाएं पूरी तरह लागू हो पाएंगी?
जवाब: तमिलनाडु के सीनियर जर्नलिस्ट भगवान सिंह कहते हैं, ‘सरकार पर मौजूदा कर्ज को देखते हुए चुनावी वादों को पूरा करने के लिए फंडिंग जुटाना विजय के लिए बड़ी चुनौती होगी।’
विजय भी जानते हैं कि ये सभी वादे पूरे करना आसान काम नहीं है। उन्होंने अपनी घोषणाओं को लेकर जनता से समय मांगते हुए कहा, ‘कृपया धैर्य रखें, मुझे थोड़ा समय दें, मैं कोई फरिश्ता नहीं, बल्कि आपकी ही तरह आम इंसान हूं। मैं झूठे वादों से कभी आपको धोखा नहीं दूंगा और वही वादे करूंगा जो संभव हो।’
सीएम पद की शपथ लेने के बाद विजय ने पहले ही भाषण में कहा कि DMK सरकार ने उन पर 10 लाख करोड़ का कर्ज छोड़ा है। उन्होंने कहा, ‘मैं एक व्हाइट पेपर जारी करूंगा, जिसमें 2021 से 2026 तक तमिलनाडु सरकार की वित्तीय स्थिति के बारे में बताया जाएगा।’
2021 में DMK की सरकार आने पर स्टालिन ने अपनी पूर्ववर्ती AIADMK सरकार के दौरान का व्हाइट पेपर जारी किया था। इसमें कहा गया कि 2022 तक सरकार पर 5.7 लाख करोड़ रुपए के कर्ज के लिए पिछली AIADMK जिम्मेदार है।
जब विजय के व्हाइट पेपर जारी किया, तो स्टालिन ने X पर लिखा, ‘मौजूदा कर्ज तय सीमा के अंदर ही है। हमारी सरकार ने फरवरी में जारी बजट में तमिलनाडु की वित्तीय स्थिति साफ कर दी थी, लेकिन आपने उसके बाद भी जनता से इतने सारे वादे किए।’

सवाल-6: थलापति विजय इतनी फ्री योजनाएं क्यों शुरू कर रहे?
जवाब: तमिलनाडु की राजनीति में ऐसी योजनाओं की परंपरा रही है। 1991 में तमिलनाडु की CM बनीं जयललिता ने अपने कार्यकाल में ‘अम्मा उनावगम’ या अम्मा कैंटीन योजना चलाई थी, जिसके तहत गरीब-मजदूरों को 1 रुपए में इडली और 5 रुपए में सांभर-राइस दिया जाता था। इसके अलावा गरीब परिवार की बेटियों की शादी में 8 ग्राम सोना देने की योजना भी उन्हीं के समय शुरू हुई, जिसे ‘थलिक्कू थंगम स्कीम’ कहा गया।

2013 में तमिलनाडु की पूर्व CM जयललिता के कार्यकाल में शुरू हुई ‘अम्मा उनावगम’ यानी अम्मा कैंटीन योजना, जिसके लगभग 650 सेंटर्स आज भी मौजूद हैं।
इसी तरह पूर्व CM एमके स्टालिन ने महिलाओं, युवाओं के लिए कई स्कीम के अलावा 100 यूनिट फ्री बिजली जैसी योजनाएं चलाईं। अब विजय DMK और AIADMK की योजनाओं से भी आगे निकल गए हैं। मसलन-
- DMK सरकार में ‘कलैग्नार मगलिर उरिमई थिट्टम’ के तहत महिलाओं को 1 हजार रुपए मिलते थे। AIADMK ने इसे बढ़ाकर 2 हजार रुपए करने का वादा किया। TVK ने इसे बढ़ाकर 2,500 रुपए करने का वादा कर दिया।
- DMK ने जहां साधारण बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी थी, तो विजय ने इसे बढ़ाते हुए एक्सप्रेस और डीलक्स जैसी सभी कैटेगरी की सरकारी बसों से लिए मुफ्त बना दिया।
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रिसर्च सहयोग – प्रथमेश व्यास
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थलापति विजय। द्रविण राजनीति का नया सितारा। बचपन में एक्टर बने। जवानी में सुपरस्टार और पिछले दो साल में ही एक पूरी पार्टी खड़ी कर दी। विजय ने राज्य के नास्तिक मुख्यमंत्री स्टालिन की 50 साल पुरानी पार्टी DMK बनाम AIADMK की सियासत को किनारे लगा दिया। उनका तमिलनाडु का पहला ईसाई मुख्यमंत्री बनना तकरीबन तय है। पढ़ें पूरी खबर…















