13 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
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हाल ही में एक जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार ने फेसबुक पोस्ट में अपने साथ हुए एक स्कैम के बारे में बताया। पत्रकार के एक परिचित का वॉट्सएप अकाउंट हैक कर साइबर ठगों ने QR कोड के जरिए उनसे कई बार पैसे ट्रांसफर करवा लिए।
स्कैमर्स ने भरोसे और जल्दबाजी का फायदा उठाकर कुछ ही मिनटों में हजारों रुपए ठग लिए। ये स्कैम किसी भी व्यक्ति के साथ हो सकता है। इसलिए इस बारे में अवेयरनेस जरूरी है।
आज ‘साइबर लिटरेसी’ कॉलम में हम ‘वॉट्सएप हैकिंग स्कैम’ के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- अगर किसी परिचित का पैसे के लिए मैसेज आए तो क्या करें?
- कैसे पहचानें कि वॉट्सएप अकाउंट हैक हुआ है?
- वॉट्सएप अकाउंट हैक होने पर रिकवर कैसे करें?
एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस
सवाल- साइबर ठगों ने पत्रकार को कैसे स्कैम का शिकार बनाया?
जवाब- पूरी घटना पॉइंटर्स से समझिए-
- साइबर ठगों ने पत्रकार के एक परिचित का वॉट्सएप अकाउंट हैक किया।
- फिर उस अकाउंट से मैसेज भेजकर कहा कि मेरा UPI काम नहीं कर रहा, एक QR कोड पर भेज रहा हूं, उस पर पैसे ट्रांसफर कर दीजिए।
- परिचित भरोसेमंद व्यक्ति थे, तो पत्रकार ने बिना जांचे पैसे भिजवा दिए।
- इसके बाद ठगों ने अलग-अलग QR कोड भेजकर कई किस्तों में पैसे ट्रांसफर करवाए।
- ये अमाउंट ₹1,999, ₹1,998.91, ₹1,999.10, ₹1,757.43, ₹967.83 और ₹967.83 रुपए थे।
- ये सभी भुगतान अलग-अलग अकाउंट होल्डर्स और UPI आईडी से जुड़े QR कोड पर किए गए।
- बाद में शक होने पर जब उन्होंने परिचित को कॉल किया तो पता चला कि उनका वॉट्सएप अकाउंट हैक हो चुका है और उसी के जरिए लोगों से पैसे मांगे जा रहे हैं।
- इस घटना में पत्रकार ने करीब 11 हजार रुपए गंवा दिए।
सवाल- पत्रकार की तरफ से क्या गलती हुई यानी वो बेसिक गलतियां और लापरवाहियां, जिसकी वजह से लोग स्कैम का शिकार हो जाते हैं?
जवाब- सबसे बड़ी गलती यह हुई कि पत्रकार ने पैसे भेजने से पहले अपने परिचित से सीधे फोन पर पुष्टि नहीं की। इसके अलावा कुछ और लापरवाहियां भी थीं, जिनका फायदा साइबर ठगों ने उठाया। सभी गलतियां ग्राफिक में देखिए-

सवाल- साइबर ठग किन तरीकों से वॉट्सएप हैक कर सकते हैं?
जवाब- साइबर ठग लोगों की छोटी-छोटी गलतियों का फायदा उठाकर वॉट्सएप अकाउंट हैक कर सकते हैं।
ठग इस तरह वॉट्सएप हैक कर सकते हैं-
- OTP लेकर।
- फिशिंग लिंक भेजकर।
- फर्जी वॉट्सएप वेब QR कोड स्कैन करवाकर।
- फर्जी एप डाउनलोड करवाकर।
- SIM स्वैपिंग फ्रॉड से।
- टू-स्टेप वेरिफिकेशन PIN लेकर।
- स्क्रीन शेयर करवाकर।
- पासवर्ड चोरी करके।
- मालवेयर या स्पाइवेयर लिंक भेजकर।
- सोशल इंजीनियरिंग यानी झांसा देकर।
सवाल- कौन-से लोग साइबर ठगों के निशाने पर ज्यादा होते हैं?
जवाब- साइबर ठग आमतौर पर इन लोगों को निशाना बनाते हैं-
- जो डिजिटली कम अवेयर हैं।
- जो नए स्मार्टफोन यूजर हैं।
- जो सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव रहते हैं।
- जो ऑनलाइन ट्रांजैक्शन ज्यादा करते हैं।
- जिनके फोन में टू-स्टेप वेरिफिकेशन नहीं होता है।
सवाल- अगर किसी परिचित के नंबर से पैसे के लिए मैसेज आए तो क्या करें?
जवाब- ऐसी स्थिति में सतर्क हो जाएं। बिना पुष्टि किए पैसे न भेजें। पहले यह सुनिश्चित करें कि मैसेज वास्तव में उसी व्यक्ति ने भेजा है या नहीं। साथ ही ग्राफिक में दी गई बातों का खास ख्याल रखें-

सवाल- वॉट्सएप हैकिंग स्कैम से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
जवाब- वॉट्सएप हैकिंग से बचने के लिए सुरक्षा से जुड़े कुछ बुनियादी नियमों का पालन करें। छोटी-सी सावधानी भी बड़े नुकसान से बचा सकती है। सभी सेफ्टी टिप्स ग्राफिक में देखिए-

सवाल- कैसे पहचानें कि वॉट्सएप अकाउंट हैक हुआ है?
जवाब- अगर वॉट्सएप अकाउंट में असामान्य गतिविधियां दिखें तो यह हैकिंग का संकेत है। वाॅट्सएप हैकिंग के सभी संकेत ग्राफिक में देखिए-

सवाल- अगर वॉट्सएप अकाउंट हैक हो जाए तो रिकवर कैसे करें?
जवाब- वॉट्सएप अकाउंट हैक हो जाए तो घबराने की बजाय तुरंत कार्रवाई करें। जितनी जल्दी कदम उठाएंगे, अकाउंट वापस पाने और नुकसान रोकने की संभावना उतनी अधिक होगी। कुछ बाताें का खास ध्यान रखें-
- दोबारा वॉट्सएप लॉगिन करें।
- OTP डालकर अकाउंट रिकवर करें।
- टू-स्टेप वेरिफिकेशन ऑन करें।
- सभी लिंक्ड डिवाइस लॉगआउट करें।
- प्रोफाइल और सुरक्षा सेटिंग्स जांचें।
- पासवर्ड और PIN बदलें।
- साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।
सवाल- अगर गलती से पैसे ट्रांसफर हो जाएं तो क्या करें?
जवाब- ऐसे में तुरंत कार्रवाई करें। शुरुआती कुछ घंटे पैसे की रिकवरी के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इसके लिए-
- तुरंत बैंक या UPI एप को सूचना दें।
- साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
- साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
- ट्रांजैक्शन ID और स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।
- चैट और कॉल रिकॉर्ड डिलीट न करें।
- बैंक अकाउंट पर नजर रखें।
- जरूरत पड़ने पर साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत करें।
- जितनी जल्दी रिपोर्ट करेंगे, पैसे होल्ड या रिकवरी की संभावना उतनी बढ़ेगी।

सवाल- साइबर ठगी का शिकार हो जाएं तो कहां शिकायत करें?
जवाब- साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देर किए शिकायत दर्ज करें।
- साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
- नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
- नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करें।
- स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत करें।
- ट्रांजैक्शन ID, स्क्रीनशॉट और चैट रिकॉर्ड सबूत के तौर पर रखें।
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बीते कुछ सालों में देश में ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम के केस लगातार बढ़ रहे हैं। ‘नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल’ (NCRP) के मुताबिक, साल 2024 में डिजिटल अरेस्ट और इससे जुड़े साइबर अपराधों के 1.23 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हुए। इनमें करीब 1,935.51 करोड़ रुपए की ठगी हुई। आगे पढ़िए…
















