आगरा में शनिवार को 4 जर्जर दुकानें भरभराकर गिर गईं। हादसे के बाद 10 को मलबे से निकाला गया। जिनमें से 2 की इलाज के दौरान मौत हो गई। अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। पुलिस, दमकल और SDRF टीम का रेस्क्यू जारी है।
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मलबे में दबे अजय चाहर के जीजा अवध किशोर ने बताया- अजय कमर तक मलबे में दबा था। वह काफी देर तक चीखता-चिल्लाता रहा। फिर अपनी बहन को फोन कर कहा- मैं दुकान में दब गया हूं। मुझे बचा लो। ये सुनकर मेरी पत्नी रोने गली। तुरंत दुकान के बाहर पहुंची, तो वो दबा हुआ था। आधे घंटे की मशक्कत के बाद उसे मलबे से निकाला गया। हादसा शनिवार शाम जगदीशपुरा के आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-4 में हुआ।
पहले घटनास्थल की 4 तस्वीरें देखिए…
मकान गिरने के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ लग गई।
कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों को हटाकर बचाव कार्य शुरू किया।
पुलिस जेसीबी के जरिए मलबे को हटा रही है।
CFO डीके सिंह ने बताया कि मलबे से निकाले गए सभी लोगों को अस्पताल भेजा गया है। उनमें से 2 की मौत हो गई। जेसीबी से मलबे को हटाया जा रहा है।
बिल्डिंग की मरम्मत के दौरान हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, यहां एक मंजिल कामर्शियल बिल्डिंग में लाइन से 4 दुकानें बनी थी। इसमें एक देसी शराब का ठेका भी था। बिल्डिंग के मालिक आज दुकानों की मरम्मत करा रहे थे। शाम 3.30 बजे अचानक चारों दुकानें भरभरा कर गिर गईं। हादसे की सूचना पर लोगों की भीड़ लग गई। मौके पर पहुंचे परिजनों की चीख-पुकार मच गई।
हादसे में 2 सगे भाई किशन उपाध्याय और विष्णु उपाध्याय की मौत हो गई। जबकि अर्जुन, सोनू, दीपक, ब्रजेश, अजय चाहर और पुष्कर उपाध्याय समेत 2 लोगों का इलाज चल रहा है।
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