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उद्धव ठाकरे बोले- दिशा सालियान केस से हमारा लेना-देना नहीं: परिवार को बेवजह बदनाम किया जा रहा, कानूनी कार्रवाई करूंगा

उद्धव ठाकरे ने छत्रपति संभाजीनगर में एक सार्वजनिक बयान देते हुए कहा कि दिशा सालियान मामले में उनका परिवार अनुचित रूप से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले से उनका दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है और उनके नाम को बिना आधार के घसीटा जा रहा है। ठाकरे ने कहा, […]
उद्धव ठाकरे बोले- दिशा सालियान केस से हमारा लेना-देना नहीं: परिवार को बेवजह बदनाम किया जा रहा, कानूनी कार्रवाई करूंगा
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उद्धव ठाकरे ने छत्रपति संभाजीनगर में एक सार्वजनिक बयान देते हुए कहा कि दिशा सालियान मामले में उनका परिवार अनुचित रूप से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले से उनका दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है और उनके नाम को बिना आधार के घसीटा जा रहा है। ठाकरे ने कहा, ‘इस मामले से हमारा दूर-दूर तक संबंध नहीं है। मेरा भी नाम है। आपका भी नाम आएगा। मोदी और ट्रम्प का भी नाम आ सकता है। आखिर नाम क्यों लिया जा रहा है? यह राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है।’ उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि बेवजह चरित्रहनन बहुत हो गया और यदि यह जारी रहा तो वे बिना किसी से सलाह लिए कानूनी कार्रवाई पर मजबूर हो जाएंगे।

ठाकरे ने व्यक्तिगत रूप से दिशा को जानने से इनकार करते हुए कहा कि वह उनसे कभी नहीं मिले थे और न ही उनके साथ कोई संबंध रहा है। उन्होंने जो कुछ भी हुआ, उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है, फिर भी उनका नाम मामले में घसीटा जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार ने इस मामले में चुप्पी साधे रखी क्योंकि सरकार ने खुद इसकी जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित की थी। उन्होंने कहा कि वे जांच पूरी होने तक कुछ नहीं बोलने का निर्णय लिया था, लेकिन अब अनावश्यक रूप से नाम खींचे जाने पर उन्हें प्रतिक्रिया देनी पड़ रही है।

दिशा के पिता सतीश सालियान ने बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने दिशा के साथ गैंगरेप और हत्या होने का आरोप लगाया और कहा कि मामले को दबाने की कोशिश की गई। सतीश ने आदित्य ठाकरे समेत अन्य व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की थी और बताया कि वह छह साल से इस इंतजार में थे। उन्होंने कहा कि खुशी की कोई वजह नहीं है, उन्होंने अपनी बेटी खो दी है, लेकिन आज अदालत के निर्देश से उन्हें कुछ राहत महसूस हो रही है।

सतीश सालियान के वकील निलेश ओझा ने स्पष्ट किया कि जांच में जिन व्यक्तियों के खिलाफ सबूत पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी के खिलाफ सबूत नहीं मिलता है तो उसे आरोपी नहीं बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सीबीआई की रिपोर्ट नकारात्मक आती है तो परिवार को उस पर आपत्ति जताने और प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल करने का अधिकार रहेगा। ओझा ने आगे बताया कि प्राथमिकी में जिन नामों को शामिल किया जा सकता है उनमें आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, डीनो मोरिया, आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड, रिया चक्रवर्ती, परमबीर सिंह, उद्धव ठाकरे, सचिन वाजे और पिछली SIT के उन सदस्यों के नाम भी हैं, जिन पर मामले को दबाने का आरोप लगाया गया है।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 सितंबर की सुनवाई के दौरान मुंबई पुलिस को फटकार लगाई थी कि छह साल तक प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर जांच से अधिक सवाल खड़े हो रहे हैं। अदालत ने कहा कि पुलिस की प्रारंभिक जांच से जवाबों से ज्यादा प्रश्न उत्पन्न हो रहे हैं। दिशा सालियान मामले की प्रारंभिक जांच लगभग तीन महीने में ही समाप्त हो गई थी और अक्टूबर 2020 में पुलिस ने मौत को सुसाइड घोषित कर दिया था। दिसंबर 2023 में मामले को फिर से खोलते हुए एक नई SIT गठित की गई थी, जिसने भी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में आत्महत्या की ही बात कही थी।

इसके अलावा, शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने पहले ही स्पष्ट किया था कि वह दिशा सालियान को कभी नहीं जानते थे और न ही उनसे कभी मिले थे। उन्होंने उल्लेख किया कि दिशा दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं और छह साल पहले 12वीं मंजिल से गिरने से उनकी मृत्यु हुई थी।

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