नई दिल्ली: एयर इंडिया की दिल्ली से काठमांडू जा रही उड़ान संख्या AI219 को शनिवार को तकनीकी खराबी के चलते उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही वापस दिल्ली हवाई अड्डे पर उतारना पड़ा। विमान में सवार सभी 150 यात्रियों को बाद में एक अन्य उड़ान के जरिए नेपाल की राजधानी काठमांडू भेजा गया।
काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि एयरबस A320-214 मॉडल का यह विमान नेपाली हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने ही वाला था कि पायलट ने तकनीकी समस्या की सूचना दी। इसके बाद विमान को लखनऊ के ऊपर से वापस दिल्ली की ओर मोड़ दिया गया।
उड़ान AI219 ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दोपहर 2:42 बजे (भारतीय मानक समय) काठमांडू के लिए उड़ान भरी थी। इसका काठमांडू में शाम 4:30 बजे (नेपाल मानक समय) पहुंचने का कार्यक्रम था। नेपाल का समय भारत से 15 मिनट आगे रहता है।
हवाई अड्डे के अधिकारी के अनुसार, पायलट द्वारा तकनीकी खराबी की सूचना दिए जाने के तुरंत बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने विमान को सुरक्षित वापस दिल्ली ले जाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। विमान ने लखनऊ के हवाई क्षेत्र से होते हुए दिल्ली की ओर वापसी की। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि तकनीकी खराबी की प्रकृति क्या थी और विमान के किस सिस्टम में समस्या आई।
दिल्ली हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग के बाद एयर इंडिया के ग्राउंड स्टाफ ने सभी 150 यात्रियों को उतारा और उनकी आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की। एयरलाइन के सूत्रों के मुताबिक, यात्रियों को दूसरी उड़ान से काठमांडू भेजने का इंतजाम किया गया, ताकि उनकी यात्रा में अधिक विलंब न हो।
इस घटना के संबंध में नेपाल के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हवाई अड्डा प्रशासन घटना की जानकारी जुटा रहा है और उचित समय पर बयान जारी कर सकता है।
एयर इंडिया की ओर से भी इस तकनीकी खराबी के कारणों और विमान की वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है। विमानन क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी का पता चलने पर पायलट द्वारा एहतियातन वापस लौटने का निर्णय मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप है।
इस घटना से दिल्ली-काठमांडू मार्ग पर उड़ानों के संचालन पर कोई व्यापक असर पड़ने की सूचना नहीं है। अन्य उड़ानें अपने निर्धारित समय पर संचालित हो रही हैं। यात्रियों को हुई असुविधा के लिए एयरलाइन की ओर से खेद व्यक्त किए जाने की संभावना है।
खबर लिखे जाने तक तकनीकी खराबी की विस्तृत जांच शुरू हो चुकी है और विमान को दिल्ली में ही गहन तकनीकी निरीक्षण के लिए रखा गया है। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) भी इस घटना का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई कर सकता है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। विमानन सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर तकनीकी खराबी का पता लगना और पायलट द्वारा त्वरित निर्णय लेना किसी बड़ी अनहोनी को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
एयर इंडिया ने हाल के महीनों में अपने बेड़े के आधुनिकीकरण और रखरखाव प्रक्रियाओं को मजबूत करने पर जोर दिया है। इस घटना को देखते हुए एयरलाइन की तकनीकी टीम विमान के रखरखाव रिकॉर्ड की भी समीक्षा करेगी।
यात्रियों के लिए वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था करने में एयरलाइन के ग्राउंड ऑपरेशंस टीम ने तत्परता दिखाई, जिससे यात्रियों को लंबे इंतजार से बचाया जा सका। हालांकि, कुछ यात्रियों ने उड़ान में देरी और अचानक योजना बदलने को लेकर चिंता व्यक्त की।
इस मार्ग पर एयर इंडिया के अलावा अन्य एयरलाइंस भी नियमित उड़ानें संचालित करती हैं। दिल्ली-काठमांडू हवाई मार्ग दक्षिण एशिया के व्यस्ततम मार्गों में से एक है, जहां प्रतिदिन हजारों यात्री आवाजाही करते हैं।
घटना की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही तकनीकी खराबी के मूल कारण और उसके निवारण के उपायों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। तब तक विमान दिल्ली में ही रहेगा और आवश्यक मरम्मत एवं प्रमाणीकरण के बाद ही पुनः सेवा में लगाया जाएगा।


















