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झुग्गी क्षेत्र के दायरे में दर्ज मेयर का बंगला…: स्कूल और 30 से अधिक पार्षदों की कोठी-मार्केट पर प्रॉपर्टी टैक्स झुग्गी जितना – Bhopal News


मेयर का घर, स्कूल और कई अन्य प्रॉपर्टी पर झुग्गी जितना ही टैक्स लग रहा। ऐसे ही करीब 61 पार्षदों के खातों की छानबीन की तो 39 के बंगलों और मकानों को भी नगर निगम झुग्गी वाले सर्कल (परिक्षेत्र 1–2) की दरों के हिसाब से प्रॉपर्टी टैक्स ले रहा। इनमें से 30

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इसके पीछे तर्क मेयर-पार्षदों का तर्क ये कि वह तो तय परिक्षेत्र के हिसाब से टैक्स भर रहे। ऐसे में बड़ा सवाल ये कि पिछले 14 सालों से पिछड़े से अब पूर्ण विकसित हो चुकी शहर की प्राइम लोकेशनों के परिक्षेत्र में एक बार भी बदलाव क्यों नहीं किया गया?

मेयर मालती राय और उनके परिवार जनों के नाम पर ऑनलाइन रिकार्ड में कुल 4 प्रापर्टी के खाते मिले। वार्ड 36 के पुष्पा नगर में प्लॉट नंबर सी 574 पर 1 व्यवसायिक प्रॉपर्टी दर्ज मिली। जिस पर एक निजी स्कूल सहित कोचिंग के बोर्ड भी लगे हैं।

वहीं 3 आवासीय प्रॉपर्टी के खाते इनके प्लॉट नंबर क्रमश: सी 570, सी 571 पर भी निजी स्कूल संचालित मिला। एक अन्य प्लॉट नंबर सी 559 पर खुद मेयर मालती राय का दो मंजिला घर बना हुआ है। इन सभी खातों में झुग्गी क्षेत्र जैसे टैक्स लगे हुए हैं।

ऑनलाइन रिकार्ड में भोपाल के 85 वार्ड में से 61 पार्षदों के मोबाइल नंबर पर 172 प्रॉपर्टी के खाते दर्ज मिले। इनमें से 39 पार्षद के 97 खाते झुग्गी जैसे टैक्स के दायरे में है। सबसे ज्यादा 12 खाते वार्ड 10 की पार्षद सरोज आसेरी के नाम के मिले। जबकि 9 खाते वार्ड 37 की पार्षद वंदना कुश्वाहा के नाम हैं।

जैसी प्रॉपर्टी, वैसा टैक्स…फार्मूले से ही नगर निगम प्रॉपर्टी टैक्स से कमाई दोगुनी कर सकता है : एक्सपर्ट

भास्कर एक्सपर्ट –

एक्सपर्ट ने 2010 से 2023 के बीच की संपत्तिकर की दरों से संबंधित स्थाई आदेशों का एनालिसिस किया। 2010 की दर 2011 में वैसी ही रही। 2012 में ये दरें 10% बढ़ाई गई। 2013 में 10% की कटौती के साथ 2010 में पास दरों को लागू कर दिया गया। ये सिलसिला 2020 तक रहा। 2021 में 10% की बढ़ोतरी करते हुए 2012 की दरों को लागू कर दिया, जो 2022 में भी लागू रहीं।

2023 में इन दरों में 5% बढ़ोतरी के साथ बदलाव किया गया था, जो 2024-25 के लिए लागू थी। हैरानी की बात ये है कि 2010 से 2024 तक 14 साल पिछड़े से विकसित हो चुकी प्राइम लोकेशनों के परिक्षेत्र में एक बार भी बदलाव नहीं किया गया। सिर्फ इस एक कदम से निगम प्रॉपर्टी टैक्स से होने वाली अपनी 258 करोड़ की कमाई दोगुनी कर सकता है।

प्रॉपर्टी खातों में गड़बड़ी की जांच कराएंगे : निगम कमिश्नर प्राइम लोकेशन वाली प्रॉपर्टी पर झुग्गी वाले टैक्स जैसी कहीं कोई गफलत है तो परिक्षेत्रों में बदलाव के लिए नियमानुसार प्रक्रिया अपनाएंगे। मेयर व पार्षद के प्रॉपर्टी खातों में यदि किसी तरह की गड़बड़ी है तो उनकी भी हम जांच कराएंगे। –हरेन्द्र नारायण, कमिश्नर, नगर निगम

टीम बनाकर सही परिक्षेत्र का आंकलन करवाएंगे : मेयर पुष्पा नगर में जो 4 प्रॉपर्टी हैं, उनमें जहां स्कूल चल रहा है, उसका कॉमर्शियल टैक्स जमा करते हैं। रही बात प्राइम लोकेशन वाली प्रॉपर्टी पर झुग्गी क्षेत्र जैसे टैक्स लगने की तो इसके लिए हम बहुत जल्द एक टीम बनाने वाले हैं। जो सही परिक्षेत्र का आंकलन करेंगे। –मालती राय, मेयर



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