महाराष्ट्र के ठाणे जिले में शुक्रवार सुबह एक दुखद घटना का सामना किया गया। जोगिला झील से दो नाबालिग बच्चियों के शव बरामद हुए। आपदा प्रबंधन दल और दमकल कर्मियों ने सुबह करीब 11 बजे झील से दोनों शवों को बाहर निकाला। मृत बच्चियों की पहचान गंगी उदय कामी और आशा गणेश कामी के रूप में हुई है। दोनों अंबेडकर रोड स्थित लॉरिस्टैंड चॉल की रहने वाली थीं। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बच्चियां झील में कब और कैसे पहुंचीं और उनकी डूबने से मौत कैसे हुई। पुलिस को घटना की पूरी जांच करने का निर्देश दिया गया है।
इस बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव में 2000 में तत्कालीन विधानसभा से पारित स्वायत्तता प्रस्ताव का भी जिक्र किया गया, जिस पर भाजपा विधायकों ने आपत्ति जताई और सवाल उठाया कि स्वायत्तता का मुद्दा सदन में क्यों लाया गया। नेशनल कॉन्फ्रेंस के सदस्यों ने कहा कि उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर के अधिकारों की मांग जारी रखेगी। इस मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ और कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। याद रहे कि 2000 के प्रस्ताव में जम्मू-कश्मीर के लिए अधिक स्वायत्तता की मांग की गई थी।
मद्रास उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि महिलाएं अब तेजी से करिअर पर फोकस कर रही हैं और इसका असर उनकी शादीशुदा जिंदगी पर भी पड़ रहा है। कोर्ट ने सुझाव दिया कि इसका एक उपाय यह हो सकता है कि पति ‘होममेकर’ की भूमिका अपनाएं। न्यायमूर्ति जीआर स्वामीनाथन और न्यायमूर्ति एमडी सुमति की बेंच ने यह टिप्पणी एक वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले में की। पत्नी ने परिवार संभालते हुए पति को करिअर में सपोर्ट किया, लेकिन बाद में विवाद बढ़ गया। हाई कोर्ट ने शादी खत्म करते हुए पत्नी को 1.5 करोड़ और दो बच्चों को 50-50 लाख रुपए देने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि अगर पत्नी घर संभाल सकती है, तो पति भी घर संभाल सकता है और यह न्यू नॉर्मल बननी चाहिए।
राजस्थान उच्च न्यायालय ने एक अलग मामले में पति की अनुकंपा नौकरी लेकर दूसरी शादी करने वाली बहू को 25 प्रतिशत वेतन और टर्मिनल बेनेफिट्स की 50 प्रतिशत राशि पहली सास को देने को कहा है। न्यायमूर्ति आनंद शर्मा ने यह आदेश कमली देवी की याचिका पर दिया। उनकी बहू ने नौकरी मिलने के कुछ समय बाद दूसरी शादी कर ली थी और सास की आर्थिक मदद बंद कर दी थी।
दिल्ली में नाबालिगों को निशाना बनाकर किए गए यौन अपराध के लगातार सामने आ रहे मामलों पर दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) ने सख्ती दिखाई है। आयोग ने तीनों मामलों का संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार से की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने पुलिस को नोटिस का जवाब दो सप्ताह के भीतर देने के निर्देश दिए हैं। डीसीपीसीआर बच्चों से जुड़े अपराधों और उनके अधिकारों के संरक्षण से संबंधित मामलों की निगरानी करता है। आयोग पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय कानून सहित बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों के क्रियान्वयन पर भी नजर रखता है। आयोग की कार्रवाई के बाद अब पुलिस की जांच और आरोपियों के खिलाफ उठाए गए कदमों की रिपोर्ट आयोग के सामने रखनी होगी।


















