पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से 18 दिन पहले शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की महिला उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। नामांकन वापसी से पहले संचिता ने बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के तुरंत बाद ममता बनर्जी ने घोषणा की कि टीएमसी नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देगी।
ममता बनर्जी के इस समर्थन की घोषणा के लगभग दो घंटे बाद बंगाल पुलिस ने मिलन प्रधान को एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की सटीक धारा या मामले का विवरण स्रोत में नहीं दिया गया है।
नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने खाली की थी। उन्होंने इस सीट से इस्तीफा दे दिया था, जबकि इससे पहले रेजीनगर सीट से हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद भी वह सीट खाली हो गई थी। दोनों सीटों पर उपचुनाव छह अक्टूबर को कराया जाना प्रस्तावित है और परिणाम नौ अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
नामांकन वापसी के बाद चुनाव प्रक्रिया के संबंध में कुछ सामान्य प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं। नाम वापसी की समय-सीमा समाप्त होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी करता है। एक बार वैध तरीके से नाम वापस ले लेने के बाद उम्मीदवार अपना निर्णय बदलकर फिर से चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं होती। यदि किसी सीट पर कई उम्मीदवार बचते हैं तो सभी के नाम अंतिम सूची में शामिल हो जाते हैं और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान होता है। यदि नाम वापसी के बाद केवल एक उम्मीदवार बचता है तो चुनाव निर्विरोध घोषित किया जा सकता है और रिटर्निंग ऑफिसर प्रक्रिया पूरी करके उस उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित करता है। नाम वापसी की समय-सीमा समाप्त होने के बाद उसी चुनाव में नया उम्मीदवार नामांकन दाखिल नहीं कर सकता।
ममता बनर्जी ने संचिता डे के नाम वापस लेने के तुरंत बाद कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की। इस संबंध में स्रोत में उल्लेख है कि 4 मई को आए विधानसभा चुनाव के परिणाम में नंदीग्राम से शुभेंदु अधिकारी को जीत मिली थी और भाजपा को 50.37 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए थे, जबकि टीएमसी के खाते में 46.55 प्रतिशत वोट आए थे और कांग्रेस को केवल 0.31 प्रतिशत वोट मिले थे। स्रोत में स्पष्ट किया गया है कि यह केवल एक अनुमान है कि ममता और कांग्रेस के संयुक्त समर्थन से भाजपा के वोट शेयर को पार करना संभव नहीं हो सकता।
कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के संबंध में बताया गया है कि केवल गिरफ्तारी होने से चुनाव रद्द नहीं होता। चुनाव तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रह सकता है। गिरफ्तार उम्मीदवार चुनाव लड़ सकता है यदि वह कानूनी रूप से चुनाव लड़ने के लिए योग्य है। केवल किसी मामले में गिरफ्तार होना अपने आप में उसे चुनाव लड़ने से अयोग्य नहीं बनाता। हालांकि, गिरफ्तार उम्मीदवार प्रचार, जनसभाओं और मतदाताओं से सीधे संपर्क में शामिल नहीं हो पाएगा, हालांकि उसका नाम अंतिम उम्मीदवारों की सूची में रह सकता है।
चुनाव आयोग ने टीएमसी के दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं। ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ का चिह्न मिला है, जबकि दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चिह्न दिया गया है। इससे एक दिन पहले आयोग ने दोनों गुटों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल-घास’ वाला मूल चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने से रोक दिया था। यह अंतरिम व्यवस्था है और मूल नाम तथा चिह्न पर अंतिम फैसला अभी आना बाकी है। अब दोनों गुट उपचुनाव में नए पार्टी नाम और सिंबल से चुनाव लड़ेंगे।
नंदीग्राम सीट टीएमसी और भाजपा दोनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस क्षेत्र में 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने ममता बनर्जी और टीएमसी को 2011 में सत्ता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से तत्कालीन मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था लेकिन हार गई थीं। अधिकारी ने भाजपा में शामिल होने के बाद टीएमसी के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी की भूमिका अर्जित की। 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा और दोनों स्थानों पर जीत दर्ज की। भवानीपुर में उन्होंने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया; अधिकारी को 73,917 वोट मिले जबकि ममता बनर्जी को 58,812 वोट प्राप्त हुए। बाद में अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया, जिससे नंदीग्राम सीट खाली हो गई।
स्रोत में दिए गए जानकारी के आधार पर स्पष्ट है कि नाम वापसी और उम्मीदवार की गिरफ्तारी के बाद चुनाव की आगे की प्रक्रिया कैसे होगी, लेकिन अंतिम परिणाम की कोई भविष्यवाणी नहीं की गई है।


















