सहरसा में विद्युत आपूर्ति प्रमंडल ने कार्रवाई करते हुए मार्च में 5287 बकाएदार उपभोक्ताओं के बिजली के कनेक्शन को काट दिया। इनमें से 1585 उपभोक्ताओं ने बिल जमा कर अपना कनेक्शन फिर से चालू करवा लिया। इसको लेकर विद्युत कार्यपालक अभियंता अमित कुमार ने जान
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विद्युत कार्यपालक अभियंता के अनुसार, बिजली चोरी के 85 मामलों में थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इन मामलों में करीब 18 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। मार्च में एफआईआर से विभाग को लगभग 3 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ।
राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए उठाए कदम
विभाग ने राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं। छुट्टियों में भी बिल जमा काउंटर खुले रखे जा रहे हैं। बकाया वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उपभोक्ताओं की जागरूकता और पारदर्शी प्रबंधन का सकारात्मक प्रभाव दिख रहा है।
बिहार की बिजली कंपनियां अब वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर हो गई हैं। वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 में एटी एंड सी लॉस के लिए सरकारी अनुदान की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे राज्य सरकार पर वित्तीय बोझ कम हुआ है। पहले बिजली कंपनियां पूरी तरह राज्य सरकार के अनुदान पर निर्भर थीं।
राज्य सरकार उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। बेहतर वित्तीय प्रबंधन से बिजली की बुनियादी संरचना को मजबूत किया जा सकेगा। कर्मचारियों की मेहनत और उपभोक्ताओं के सहयोग से यह सब संभव हो पाया है।