31 मार्च को रांझी थाना परिसर में ईसाई धर्मगुरु फादर डेविस के साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर वीडियो के आधार पर उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस की जांच के बीच अब शनिवार को विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने स
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प्रदर्शनकारियों की कहना है कि पुलिस ने जिनके खिलाफ FIR दर्ज की है, वो बेगुनाह हैं। मारपीट करने वाले कौन हैं, उन्हें हम नहीं जानते। इसके बाद भी विहिप के कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
शनिवार शाम को सड़क पर हुए चक्काजाम के बाद रांझी सहित घमापुर और खमरिया थाने का स्टाफ भी मौके पर पहुंच गया। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
रांझी थाने के बाहर खड़े विहिप के नेता।
जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई हो
फादर डेविस के साथ रांझी थाना परिसर में हुई मारपीट के विरोध मे ईसाई समाज के लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। मांग की जा रही है कि जो भी इस मामले में दोषी है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने भी सभी को आश्वासन दिया है कि जांच जारी है।
शनिवार को तीन दर्जन से अधिक हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने रांझी थाना का घेराव करते हुए मांग की है कि पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की है, उसे तुरंत ही काटा जाए, इसके साथ ही उन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए जिन्होंने कि 31 तारीख को थाना परिसर में महिला कार्यकर्ताओं के साथ छेड़खानी करते हुए अपशब्द कहे थे।
विश्व हिंदू परिषद की जिला संयोजक आरती शुक्ला ने कहा
धर्मांतरण का बीते दिनों विहिप और बजरंग दल द्वारा जो विरोध किया गया था, उसके बदले की भावना के चलते हमारी ही एक महिला कार्यकर्ता सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई, जबकि हम लोग धर्मांतरण के पीड़ितों को लेकर कार्रवाई के लिए थाने आए थे।
उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं के खिलाफ जो शिकायत दर्ज की है, उसे तुरंत वापस लिया जाए, जो कि गलत है। घटना वाले दिन हमारे साथ अभद्रता करते हुए गाली-गलौच की गई थी। विवाद कैसे बढ़ गया, मारपीट किसने की यह हमें नहीं पता।
महिला कार्यकर्ताओं ने दर्ज कराई शिकायत।
मामले की जांच की जा रही है
थाना प्रभारी मानस द्विवेदी का कहना कि विहिप और बजरंग दल संगठन के कुछ लोग आए थे, जिन्होंने लिखित में अपनी शिकायत दी है, जांच की जा रही है।