सनी गुप्ता, संभलकुछ ही क्षण पहले
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संभल में नहीं लगा नेजा मेला, मैदान में पसरा सन्नाटा।
बुधवार को संभल नगर पालिका परिषद मैदान में लगने वाला ऐतिहासिक नेजा मेले का आयोजन नहीं हुआ। सैयद सलाम मसूद गाजी की याद में लगने वाले मेले की परमिशन प्रशासन ने नहीं दी। तर्क दिया है कि मसूद गाजी ने सोमनाथ मंदिर सहित कई मंदिरों को लूट और हिंदुओं की हत्या की ऐसे लुटेरे हत्यारे की याद में किसी भी तरह का कोई आयोजन नहीं किया जाएगा।
संभल में पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में है।
मैदान पूरी तरह से खाली रहा। वहीं हजारों की संख्या में आने वाले लोगों की वजह से इस मैदान में पैर रखने की जगह भी नहीं होती थी। तमाम झूले, दुकानें लगा करती थी। 500 से अधिक दुकानें पूरे मेले में लगती थी।
नेजा मेला में लगा झूला, लेकिन बंद पड़ा है।
व्यापारी बालमुकुंद गुप्ता ने कहा कि नेजा मेला जब होता था तो बाजार में काफी भीड़ रहती थी। बाजार के अंदर पर रखने की जगह नहीं मिलती थी। काफी संख्या में हम लोगों का व्यापार भी चलता था। 2 दिन पहले मेला लगता था, रविवार तथा सोमवार को काम शुरू हो जाता था। मंगलवार तथा बुधवार तक काम चलता था। बाजार के अंदर काफी भीड़ रहती थी। यहां घंटाघर के सामने 500 दुकानदार अपनी मिठाई व अन्य सामान बैठते थे, बर्तन वगैरा बिकते थे, जिससे काफी भीड़ रहती थी। अब सूनसान है, बाजार खाली पड़ा है।
नेजा मेला के मैदान में पसरा सन्नाटा।
फड़ विक्रेता संतोष देवल ने बताया कि प्रशासन का निर्णय सही है। लेकिन कारोबार की दृष्टि से यह गलत है। दो-चार पैसे की आमदनी हो जाती थी। वह आमदनी नहीं है। लेकिन आगे देखा जाएगा किस तरह से कारोबार करें। प्रशासन का दृष्टिकोण बिल्कुल सही है। कोई गलत नहीं है। लेकिन जो मिले होते थे, वह होते रहने चाहिए थे। किसी और नाम से हो जाते इस तरह से मिले चलते रहेंगे, तो व्यापारियों को दो पैसे की आमदनी होती रहेगी। उसका घर बार चलेगा। मेरा तो कहना यह है कि कारोबार बढ़ाना चाहिए।