कोलकाता7 मिनट पहले
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ममता सोमवार को ईद के अवसर पर कोलकाता में ईदगाह पहुंची थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि TMC सरकार दंगों को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मालदा जिले के मोथाबाड़ी में हुई हिंसा को लेकर भाजपा और लेफ्ट पर एक-दूसरे के साथ मिलकर राजनीति करने का आरोप लगाया।
ममता ने बिना नाम लिए कहा कि ये दोनों पार्टियां मिलकर दंगे भड़काने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा- नवरात्रि चल रही है, मैं इसके लिए भी शुभकामनाएं देती हूं। लेकिन हम चाहते हैं कि कोई भी अशांति न फैलाए।
ममता सोमवार को ईद के अवसर पर कोलकाता में ईदगाह पहुंची थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि TMC सरकार दंगों को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। वह सभी धर्मों के लिए अपने जीवन का बलिदान करने के लिए तैयार हैं।
ममता ने कहा-
बहुमत का कर्तव्य अल्पसंख्यक की रक्षा करना है, और अल्पसंख्यक का कर्तव्य बहुसंख्यकों के साथ रहना है। हम किसी को दंगा नहीं करने देंगे। हमारी एक ही आवाज है, दंगे रोकना।
दरअसल, पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के मोथाबाड़ी में 27 मार्च को दो गुटों के बीच हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक 26 मार्च को मोथाबाड़ी मस्जिद में नमाज हो रही थी।
इस दौरान वहां से एक जुलूस गुजर रहा था, तभी कुछ लोगों ने धार्मिक नारे लगाए। 27 मार्च को दूसरे समुदाय ने इसका विरोध किया। इस दौरान भीड़ ने दुकानों, घरों और गाड़ियों में तोड़फोड़ और लूट की।
मोथाबाड़ी में 61 उपद्रवी गिरफ्तार, इंटरनेट बंद
राज्य के कानून-व्यवस्था के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) जावेद शमीम ने बताया कि मोथाबाड़ी में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अब तक 61 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा- अब तक 19 मामले दर्ज किए गए हैं और 61 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। आज किसी भी तरह की हिंसा की घटना नहीं हुई है।
हिंसा को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को DM और SP से 3 अप्रैल तक एक्शन रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कहा कि राज्य को सावधानी से काम करना चाहिए। साथ ही हिंसा से प्रभावित लोगों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।
BJP ने किया विरोध प्रदर्शन मोथाबाड़ी हिंसा के खिलाफ BJP ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया था। बीजेपी का आरोप है कि राज्य सरकार हिंसा रोकने में नाकाम रही है। इससे पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा- 27 मार्च से मोथाबाड़ी में स्थिति तनावपूर्ण है। हिंदू मंदिरों और घरों में तोड़फोड़ की गई।
उन्होंने कहा-मैंने राज्यपाल सीवी आनंद बोस से बात की है और गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय से भी संपर्क किया है। सवाल यह है कि बंगाल में ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं। हमें शुक्रवार को हिंसा प्रभावित मोथाबाड़ी में जाने से रोका गया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी ने मोथाबाड़ी हिंसा को लेकर गवर्नर सीवी आनंद बोस को विट्ठी लिखी है। सुवेंदु ने कहा कि ममता बनर्जी सरकार में अराजकता है। इसलिए राज्य सरकार को तत्काल प्रभाव से मोथाबाड़ी में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) तैनात करने का निर्देश देना चाहिए।
आर्म्ड पुलिस और RAF की 3 कंपनियां संवेदनशील इलाकों में निगरानी रख रही हैं।
पुलिस ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े स्थानीय लोगों के मुताबिक 27 मार्च को विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों के हाथ में धार्मिक झंडे थे। नारेबाजी कर रहे लोग अचानक हिंसक हो गए और दुकानों, घरों में तोड़-फोड़ की, सामान लूटा और सड़कों पर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे।
मालदा पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें। सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह या गलत सूचना पर ध्यान न दें। कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर हिंसा भड़काने का प्रयास किया जा रहा है।
हिंसा से जुड़ी 2 फोटो…
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने X पर उपद्रवियों का वीडियो शेयर किया।
केंद्रीय मंत्री ने दावा किया है कि हिंदुओं के घरों और मंदिरों को तोड़ा गया।
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