दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (DUSU) चुनाव की काउंटिंग प्रत्येक राउंड के बाद नए रोमांच के साथ आगे बढ़ रही है। शुक्रवार को हुई मतदान की गिनती में प्रेसिडेंट पद पर ABVP के यश डबास को 15वें राउंड के बाद 17,315 वोट मिले हैं, जबकि NSUI के विजय मीणा को 17,021 वोट मिले हैं। इस प्रकार यश डबास विजय मीणा से 294 वोटों के अंतर से आगे निकल गए हैं। काउंटिंग के पिछले राउंडों में भी यह मुकाबला बेहद नजदीकी रहा है। 14वें और 9वें राउंड में NSUI के विजय मीणा सिर्फ एक वोट से आगे निकल चुके थे, जो इस चुनाव की प्रतिस्पर्धात्मक प्रकृति को दर्शाता है।
DUSU चुनावों में प्रेसिडेंट पद सबसे प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। इस पद के लिए सभी प्रमुख छात्र राजनीतिक संगठनों ने तीव्र मुहिम चलाई है। ABVP और NSUI के बीच इस पद पर लगातार कड़ी टक्कर देखी जा रही है। 15वें राउंड की गिनती के बाद भी यह मुकाबला अंतिम परिणाम तक खत्म नहीं होने का संकेत दे रहा है, क्योंकि अभी भी कई राउंड बाकी हैं और बाकी मतदाताओं के वोटों की गिनती होनी बाकी है।
सेक्रेटरी पद पर भी ABVP की रिया छावड़ी पक्ष में स्पष्ट बढ़त बनाए हुए हैं। 15वें राउंड के अनुसार रिया छावड़ी को 14,731 वोट मिले हैं, जबकि NSUI की नम्रता चौधरी को 11,310 वोट मिले हैं। इस पद पर ABVP की उम्मीदवार को NSUI की उम्मीदवार से 3,421 वोटों का महत्वपूर्ण अंतर है। सेक्रेटरी पद पर भी ABVP की मजबूत स्थिति दिखाई दे रही है, जो दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र संगठनों में उनके वर्तमान प्रभाव को संकेत करती है।
वाइस प्रेसिडेंट पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने बड़ी बढ़त बनाते हुए 22,682 वोट जुटाए हैं। काउंटिंग के वर्तमान राउंडों में उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। दीपांशु शौकीन ने अन्य उम्मीदवारों की तुलना में काफी अधिक वोट प्राप्त किए हैं, जो इस पद पर उनके व्यापक समर्थन को दर्शाता है। निर्दलीय उम्मीदवार की इस जीत की संभावना इस बात का प्रमाण है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र संगठनों में केवल पार्टी जुड़वां ही नहीं, बल्कि स्वतंत्र उम्मीदवारों को भी छात्र वोट देने की क्षमता है।
जॉइंट सेक्रेटरी पद पर NSUI के गोपाल चौधरी 11,912 वोटों के साथ आगे हैं। इस पद पर ABVP के लक्ष्य राज सिंह को 11,415 वोट और समाजवादी छात्र सभा के उम्मीदवार को 11,182 वोट मिले हैं। गोपाल चौधरी को लक्ष्य राज सिंह से 497 वोटों और समाजवादी छात्र सभा के उम्मीदवार से 730 वोटों का अंतर है। इस पद पर भी कई उम्मीदवारों के बीच काफी नजदीकी प्रतिस्पर्धा देखी जा रही है।
DUSU चुनावों के लिए शुक्रवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी के 52 कॉलेजों में मतदान किया गया। कुल 1,51,519 छात्रों में से 61,312 ने मतदान किया, जिससे मतदान प्रतिशत 40.46% रहा। यह मतदान प्रतिशत DUSU चुनावों के ऐतिहासिक प्रवृत्तियों के मद्देनजर एक मध्यम स्तर का है। DUSU चुनाव दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि DUSU छात्रों के हितों का प्रतिनिधित्व करता है और विश्वविद्यालय की नीतियों पर प्रभाव डालता है।
DUSU के प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट, सेक्रेटरी, जॉइंट सेक्रेटरी और अन्य पदों के लिए होने वाले ये चुनाव हर साल दिल्ली यूनिवर्सिटी में बड़ी रोमांच के साथ आयोजित होते हैं। ABVP, NSUI और समाजवादी छात्र सभा सबसे प्रमुख संगठन हैं जो इन चुनावों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। इस साल भी इन संगठनों के बीच प्रतिस्पर्धा तीव्र रही है, विशेषकर प्रेसिडेंट और सेक्रेटरी पदों पर।
काउंटिंग के अंतिम परिणाम तक यह मुकाबला जारी रह सकता है, क्योंकि अभी भी कई राउंड बाकी हैं। प्रेसिडेंट पद पर ABVP और NSUI के बीच यह मुकाबला एक वोट के अंतर तक जा चुका है, इसलिए अंतिम परिणाम की प्रतीक्षा में रोमांच बना हुआ है। वाइस प्रेसिडेंट पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन की जीत की संभावना तेज़ी से बढ़ती जा रही है, जबकि अन्य पदों पर भी अंतिम गिनती की प्रतीक्षा जारी है।


















