प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वाराणसी से वडनगर की ओर जा रहे सेवा यात्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की। उन्होंने गांधीजी के जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि महात्मा न केवल अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व कर रहे थे, बल्कि एक महान सामाजिक सुधारक भी थे। गांधीजी ने समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ लगातार काम किया। इसलिए हमें भी समाज में निरंतर सुधार और सकारात्मक परिवर्तन के लिए काम करते रहना चाहिए, केवल वोटबैंक राजनीति के लिए नहीं।
मोदी ने कहा कि सेवा यात्राएँ उनके जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन यात्राओं के माध्यम से लोगों की सेवा करने की भावना को बनाए रखना चाहिए। प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि जब कोई व्यक्ति यात्रा से लौटता है और आप उसे नमन करते हैं, तो उस यात्रा से मिला आधा आध्यात्मिक पुण्य सम्मान करने वाले व्यक्ति को भी मिलता है। इसलिए आज इन सभी सेवा यात्रियों को नमन करके मैं भी उस पुण्य का आधा हिस्सा ले रहा हूँ।
दो बाइक रैलियों को 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन पर रवाना किया गया था। एक रैली उनके जन्मस्थान वडनगर से वाराणसी की ओर और दूसरी वाराणसी से वडनगर की ओर निकली है। दोनों यात्राएँ 7 अक्टूबर को पूरी होंगी। ये रैलियाँ मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को चिह्नित करने के लिए आयोजित की जा रही हैं।
24 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने वडनगर से वाराणसी जा रहे सेवा यात्रियों से भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की थी। 10 समूहों में बाइक सवार वडनगर से वाराणसी तक की यात्रा कर रहे हैं। बाइकर्स से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक पुरानी कहावत का जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति यात्रा से लौटता है और आप उसे नमन करते हैं, तो उस यात्रा से मिला आधा आध्यात्मिक पुण्य सम्मान करने वाले व्यक्ति को भी मिलता है। इसलिए आज इन सभी सेवा यात्रियों को नमन करके मैं भी उस पुण्य का आधा हिस्सा ले रहा हूँ।
प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन पर 17 सितंबर को देश भर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत दीपोत्सव मनाया गया था। कई राज्यों में लोगों ने दीये जलाकर प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर कार्यक्रम आयोजित किए थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कांकरिया झील पर आरती की थी। इससे पहले शाह ने वडनगर में कहा था कि मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेताओं में हैं। उन्होंने वडनगर से वाराणसी तक करीब 1300 किमी की बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई थी।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों से योजनाओं और कामकाज पर फीडबैक लिया था। उन्होंने कहा था कि कोई जरूरतमंद योजना के लाभ से न छूटे, लोगों का जीवन आसान बनाना लक्ष्य है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुए दो दिन के चिंतन शिविर में मंत्रियों ने अपने-अपने मंत्रालयों के कामकाज और योजनाओं पर चर्चा की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों से योजनाओं की स्थिति, सामने आ रही दिक्कतों और सुधार की जरूरतों पर फीडबैक लिया था।
रिपोर्ट के अनुसार, सेवा यात्राओं का उद्देश्य मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को चिह्नित करना और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करना है। ये यात्राएँ न केवल भौतिक दूरी को पार करती हैं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सेवा की भावना को भी बढ़ावा देती हैं।
बाइक रैलियों में भाग लेने वाले बाइकर्स ने बताया कि वे प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर आयोजित इन यात्राओं में शामिल होकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये यात्राएँ उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों की संस्कृति और लोगों के जीवन से परिचित कराती हैं।
कांकरिया झील पर आयोजित आरती में गृह मंत्री अमित शाह और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भाग लिया था। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित करके प्रधानमंत्री के लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की थी।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम देश भर में व्यापक रूप से मनाया गया था। कई राज्यों में लोगों ने दीये जलाकर प्रधानमंत्री के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की थी।
इन सभी कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी के प्रति सम्मान व्यक्त करना और उनके द्वारा समाज के लिए किए जा रहे कार्यों को प्रोत्साहित करना है। सेवा यात्राओं और बाइक रैलियों के माध्यम से लोगों को जोड़ना और उन्हें सामाजिक सुधार के प्रति प्रेरित करना भी एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है।
रिपोर्ट के अनुसार, ये यात्राएँ न केवल भौतिक दूरी को पार करती हैं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सेवा की भावना को भी बढ़ावा देती हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी है और इन यात्राओं के माध्यम से उन्होंने फिर से यही संदेश दिया है।
समापन में, प्रधानमंत्री मोदी ने सभी सेवा यात्रियों और बाइकर्स को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि ये यात्राएँ न केवल उनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, बल्कि देश के विकास में भी योगदान देती हैं।


















