दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (DUSU) चुनाव की मतगणना प्रक्रिया जारी है और प्रेसिडेंट पद पर हो रहा मुकाबला हर राउंड के बाद और भी रोचता जा रहा है। सोर्स की जानकारी के अनुसार, 15वें राउंड के बाद ABVP के उम्मीदवार यश डबास 17,315 वोटों के साथ NSUI के विजय मीणा से 294 वोट आगे निकल गए हैं। यह दर्शाता है कि प्रेसिडेंट पद पर लड़ाई अभी भी किसी भी पक्ष के हिस्से में नहीं है और एक वोट से भी बदल सकती है।
पिछले राउंड्स में यह लड़ाई और भी निकट रही है। सोर्स में दी गई जानकारी के अनुसार, 14वें और 9वें राउंड में NSUI के विजय मीणा सिर्फ एक वोट से आगे थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मतदाताओं का फैसला बहुत देर तक अनिश्चित रहा। अब 15वें राउंड के बाद ABVP ने 294 वोटों की बढ़त बनाई है, लेकिन शेष राउंड्स में यह दौर बदल सकता है। इस मुकाबले में NSUI के पास अभी भी अपने समर्थक हैं और एक वोट का अंतर बनाए रखना या बढ़ाना संभव है।
सेक्रेटरी पद पर भी ABVP की ओर से रिया छावड़ी 14,731 वोटों के साथ आगे हैं, जबकि NSUI की नम्रता चौधरी को 11,310 वोट मिले हैं। यहां पर भी ABVP की बढ़त मजबूत दिख रही है, हालांकि अंतिम परिणाम तब तक अनिश्चित है जब तक कि सभी राउंड्स की मतगणना पूरी नहीं हो जाती। दोनों उम्मीदवारों के बीच फर्क काफी अधिक है, लेकिन शेष राउंड्स में कुछ भी हो सकता है।
वाइस प्रेसिडेंट पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन 22,682 वोटों के साथ बड़ी बढ़त बनाए हुए हैं। सोर्स के अनुसार, उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है, जो इस बात का संकेत है कि वे इस पद पर मजबूत पक्ष बन चुके हैं। इस पद पर प्रतिस्पर्धा कम तीव्र दिख रही है और दीपांशु शौकीन के पीछे कोई उम्मीदवार काफी करीब नहीं है।
जॉइंट सेक्रेटरी पद पर NSUI के गोपाल चौधरी 11,912 वोटों के साथ आगे हैं। उनके पीछे ABVP के लक्ष्य राज सिंह 11,415 वोट और समाजवादी छात्र सभा के उम्मीदवार 11,182 वोट प्राप्त कर चुके हैं। यहां पर भी प्रतिस्पर्धा निकट है और तीसरे स्थान पर भी उम्मीदवार काफी करीब हैं। तीनों उम्मीदवारों के बीच वोटों का अंतर कम है और शेष राउंड्स में कोई भी उम्मीदवार ऊपर आ सकता है।
DUSU चुनाव के लिए शुक्रवार को 52 कॉलेजों में मतदान हुआ था। इसमें 40.46 प्रतिशत वोटिंग हुई और कुल 1,51,519 छात्रों में से 61,312 ने मतदान किया। यह आंकड़ा दिखाता है कि छात्र संघ चुनावों में हिस्सा लेने की दर काफी महत्वपूर्ण है और छात्र राजनीति में सक्रियता दिखाई दी है। 52 कॉलेजों में मतदान होने से यह पता चलता है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र व्यापक रूप से इस प्रक्रिया में शामिल हुए।
मतगणना के दौरान हर अपडेट की प्रतीक्षा जारी है और लाइव ब्लॉग के माध्यम से ताज़ा जानकारी मिलती रही है। विभिन्न पदों पर उम्मीदवारों के बीच वोटों का अंतर कम होने के कारण यह स्पष्ट है कि अंतिम परिणाम की भविष्यवाणी करना अभी समय पर है। प्रेसिडेंट पद पर लगातार एक वोट का अंतर देखते हुए यह स्पष्ट है कि अंतिम परिणाम बहुत निकट होगा।
विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों की भागीदारी ने इस चुनाव को और भी रोचक बना दिया है। ABVP, NSUI, समाजवादी छात्र सभा और निर्दलीय उम्मीदवार सभी ने अपने समर्थकों को मोबिलाइज किया। मतदान की उच्च संख्या और निकट परिणाम यह दर्शाते हैं कि छात्र राजनीति में रुचि बनी हुई है।













