कजाकिस्तान में MBBS कर रहे अलवर के उत्कर्ष शर्मा (21) की मौत हो गई। जिम में एक्सरसाइज करने के बाद उनको हार्टअटैक आया था। इसके बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका। घटना से करीब तीन घंटे पहले ही उत्कर्ष ने घर पर बात की थी। पिता सहित तीन लोग कजाकिस्तान के लिए
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उत्कर्ष अलवर शहर के काला कुआं विवेकानंद नगर के रहने वाले थे। उनके पिता डॉ. शैलेंद्र शर्मा अलवर जिला टीबी हॉस्पिटल में डिस्ट्रिक्ट प्रोग्रामिंग ऑफिसर हैं।
सबसे पहले पढ़िए, घटना वाले दिन क्या हुआ था…
डॉ. शैलेंद्र शर्मा (उत्कर्ष के पिता) के दोस्त अजय पूनिया ने बताया- घटना 29 मार्च की रात करीब 11 बजे की है। उत्कर्ष पूरी तरह फिट थे। वह कजाकिस्तान के सिम-कैंट यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट थे। 29 मार्च को उनका सेकेंड सेमेस्टर का रिजल्ट आया था। उन्होंने घर वालों से बात की थी।
जिम से लौटने के बाद सांसें तेज चल रही थीं रोज की तरह 29 मार्च को भी उत्कर्ष जिम गए थे। रात में जिम से वापस अपने कमरे पर लौट आए थे। रात करीब 9 बजे उनकी तबीयत बिगड़ी। उनकी सांसें तेज चल रही थीं। कमरे के सामने की बिल्डिंग में ही अलवर के बांबोली का स्टूडेंट रहता है। उत्कर्ष ने उसको कॉल किया। वह फौरन आया और उत्कर्ष को हॉस्पिटल लेकर गया। अफसोस, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टर ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया।
उत्कर्ष के दोस्तों ने उनके पिता डॉ. शैलेंद्र शर्मा को बताया था कि जिम से आकर उन्होंने खाना खाया था। फिर घूमने चले गए थे। वापस कमरे में आकर फोन पर हमलोगों के साथ बात भी की थी।
डॉ शैलेंद्र शर्मा, पत्नी सुनीता, उत्कर्ष और भूमि की यह तस्वीर काफी पुरानी है। उत्कर्ष की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। (फाइल फोटो)
छोटी बहन से बात की थी उत्कर्ष ने मौत से 3 घंटे पहले फोन पर छोटी बहन भूमि से बात की थी। इससे पहले दोपहर करीब 2 बजे अपनी मां सुनीता से भी बात की थी। मां ने बताया- उत्कर्ष ने कहा था कि पैसे कम बचे हैं। मुझे कुछ पैसे भेज देना। मुझे कपड़े, टीशर्ट और अन्य सामान लेकर आना है।
29 मार्च को ही उत्कर्ष का सेकेंड ईयर का रिजल्ट आया था। उसने मां को कॉल करके कहा था कि 82 प्रतिशत मार्क्स आए हैं।
पिता बोले- दोस्तों ने बताया था सीरियस है डॉ. शैलेंद्र शर्मा ने बताया- 30 मार्च की देर रात उत्कर्ष के दोस्तों ने फोन पर बताया कि वह सीरियस है। हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया है। आप जल्दी आ जाओ। परिवार के दो सदस्यों के साथ 31 मार्च को कजाकिस्तान के लिए रवाना हुआ। कजाकिस्तान के उस हॉस्पिटल गए, जहां बेटे को ले जाया गया था। वहां बेटा तो नहीं मिला, पर उसका शव जरूर मिल गया। गुरुवार सुबह 10 बजे शव लेकर हम दिल्ली पहुंच जाएंगे।
अलवर शहर के काला कुआं विवेकानंद नगर में यह उत्कर्ष शर्मा का घर है। उनकी मौत की खबर आने के बाद से यहां सन्नाटा पसरा है।