शुक्रवार को बजट पर चर्चा के दौरान नगर निगम में महिला पार्षदों ने नमाज पढ़ी थी।
इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को नमाज पढ़े जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सभापति मुन्नालाल यादव का कहना है कि लंच ब्रेक हुआ था, नमाज की अनुमति नहीं दी थी। इस पर कांग्रेस पार्षद रूबीना इकबाल खान ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अब क्
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ज्यादा ही ऐतराज है तो हमें बम से उड़ा दो
रुबीना ने कहा यह तो हद है। अगर ज्यादा ही एतराज है तो हमें फांसी पर चढ़ा दो। जैसे हमने इतना बड़ा गुनाह कर दिया। हर चीज पर रोक लगा रहे हैं, हर कानून में घुस रहे हैं, हर चीज अपने आप से कर रहे हो तो फिर मुसलमानों की ऑक्सीजन पर भी रोक लगा दो कि हमारे से पूछे बगैर सांस भी मत लो। दूसरे भी धर्म के लोग पालन करते हैं। गरबा, गणेश चतुदर्शी सारे त्यौहार होते हैं। हम भी वहां जाते हैं और मजे भी लेते हैं, तुम्हें हमारे नमाज से क्या एतराज है, फालतू की बात करते हैं।
रुबीना यहीं नहीं रुकी उन्होंने कहा-
इतने बड़े पद पर भी रहकर लोग झूठ कितना बोलते हैं। मैं उनके सामने निकली थी और सभापति और मेयर को इशारा करके बताया था कि मैं नमाज पढ़ने जा रही हूं। वे बोल देते कि यहां नमाज मत पढ़ो, जमीन नापाक हो जाएगी।
केवल भोजन अवकाश की घोषणा की थी
इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि बिना अनुमति के ऐसा करना ठीक नहीं है। संबंधित पार्टी की ओर से कोई व्हिप जारी नहीं किया गया था, ऐसे में नमाज के लिए निगम परिसर के आसपास किसी अन्य स्थान का चयन किया जा सकता था।
जुम्मे की नमाज अदा करना जरूरी
पार्षद रुबीना इकबाल खान ने कहा मैं पिछले 12 साल से पार्षद हूं और पहले भी कई बार यहां नमाज पढ़ चुकी हूं। यह यूपी नहीं, इंदौर है। यहां पर हिंदू मुस्लिम आपस में भाई है। जुम्मे का दिन था इस दिन नमाज अदा करना जरूरी होता है और अगर अन्य कोई दिन होता तो घर जाकर कजा नमाज अदा कर लेते।
संस्कृति बचाओ मंच ने जताया विरोध
इधर, संस्कृति बचाओ मंच ने निगम परिसर में नमाज पढ़ने पर विरोध जताया है। मंच के चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि इंदौर में शासकीय कार्यालय में महिलाएं नमाज पढ़ रही हैं। कल संस्कृति बचाओ मंच वहां पर हनुमान चालीसा और अखंड रामायण के पाठ भी करना प्रारंभ करेगी।