पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपी महिला को सशर्त अग्रिम जमानत प्रदान की है, जिसमें उसे सार्वजनिक स्थल पर 10 स्वदेशी पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आदेश दिया गया है। अगर महिला ऐसा करने में विफल रहती है तो उसकी अग्रिम जमान
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चीफ जस्टिस शील नागू की अध्यक्षता वाली पीठ ने निर्देश दिया कि महिला को अगली सुनवाई की तिथि से पहले रजिस्ट्री के समक्ष पौधारोपण का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा, जिसमें फोटोग्राफ भी शामिल होंगे। यदि वह ऐसा नहीं करती है, तो मामले को संबंधित अदालत में वापस प्रस्तुत किया जाएगा, जहां जमानत आदेश को रद्द करने पर विचार किया जा सकता है।
फरीदाबाद में दर्ज हुआ था धोखाधड़ी का मामला
फरीदाबाद की 45 वर्षीय महिला के खिलाफ तिगांव पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और घर में जबरन घुसने के आरोपों को लेकर मामला दर्ज किया गया था। महिला ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि यह मामला एक वसीयत से संबंधित विवाद का हिस्सा है, जिसे सिविल मुकदमे में चुनौती दी गई है। साथ ही, हस्तलेख विशेषज्ञ की रिपोर्ट भी याचिकाकर्ता के पक्ष में है।
याचिकाकर्ता का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, इसलिए उसके भागने की संभावना नहीं है। वकील ने यह भी कहा कि महिला की गिरफ्तारी से उसके निजी जीवन और गरिमा पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए महिला को 50000 रुपए का व्यक्तिगत बांड और समान राशि के दो जमानती प्रस्तुत करने की शर्त पर अंतरिम अग्रिम जमानत दे दी।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर महिला समय पर पौधे नहीं लगाती है और इसका प्रमाण पेश नहीं करती, तो उसकी जमानत रद्द कर दी जाएगी।