भिवानी के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के ड्राप आउट को रोकने पर फोकस किया है। जिसके तहत स्कूल छोड़ चुके बच्चों का सर्वे किया जाएगा। वहीं रिपोर्ट तैयार करके मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
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समग्र शिक्षा विभाग भिवानी के जिला संयोजक ने जिले के सभी खंड संसाधन समन्वयक को पत्र जारी किया। जिसमें उन्हें विद्यालय से बाहर/ड्राप आउट बच्चों का सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 21 मार्च को प्रवेश उत्सव के संबंध में सभी डीईओ, डीईईओ और डीपीसी के साथ वीसी के माध्यम से आयोजित बैठक के दौरान स्कूल से बाहर/ड्रॉप आउट बच्चों की पहचान करने और उन्हें स्कूलों में नामांकित करने के लिए एक गहन सर्वेक्षण आयोजित करने का निर्देश दिए है।
जारी किया गया पत्र
100 प्रतिशत कवरेज का प्रयास इसके अलावा, आरटीई अधिनियम 2009 के मानदंडों में दूर रहने वाले प्रत्येक बच्चे को कवर करने के लिए, सभी स्कूल के शिक्षकों द्वारा स्कूलों से बहिष्कृत क्षेत्रों, निर्माण स्थलों, ईंट भट्टों, एससी/एसटी आबादी की अधिक उपस्थिति वाले क्षेत्रों, सड़क पर रहने वाले बच्चों, भिखारियों, अनाथ/बेघर बच्चों, प्रवासी बच्चों, विमुक्त/आदिम जनजाति समूहों आदि में 100 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करते हुए किया जाएगा।
6-14 वर्षीय स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की पहचान करनी होगी पत्र में आदेश दिए कि अपने अधीन सभी विद्यालय मुखिया को निर्देशित करें कि वे अपने-अपने गांव/कस्बे में 6-14 वर्ष की आयु के सभी स्कूल से बाहर/स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की पहचान करने के लिए एक गहन सर्वेक्षण चलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें। ताकि जिले में आउट ऑफ स्कूल चिल्डर्न को मुख्यधारा में शामिल करके शिक्षा की सार्वभौमिक पहुंच के संबंध में आरटीई अधिनियम का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
15 अप्रैल तक रिपोर्ट भेजनी होगी पहचाने गए बच्चों को पुनः सर्वेक्षण में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। खंडवार संकलित रिपोर्ट 15 अप्रैल से पहले कार्यालय के प्रेषित की जाए, ताकि इस गहन सर्वेक्षण के दौरान सभी इलाकों को कवर किया गया है और संलग्न सूची के अलावा कोई भी बच्चा क्षेत्र में नहीं छूटा है।