इस ऐतिहासिक मंदिर की अत्यधिक मान्यता है, और यहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं।
चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व की शुरुआत के साथ ही मुरैना जिले के मंदिरों में भक्ति की गूंज सुनाई देने लगी है। जिले के प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है, और भव्य मेलों का आयोजन किया जा रहा है।
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मुरैना के एमएस रोड स्थित ज्ञानेश्वरी माता मंदिर और बड़ोखर काली माता मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ भक्तों का तांता लगा हुआ है। ज्ञानेश्वरी मंदिर में आमतौर पर हर गुरुवार को मेला लगता है, लेकिन नवरात्रि के अवसर पर यहां पूरे 9 दिन तक भक्ति और श्रद्धा का संगम देखने को मिलेगा।
बड़ोखर माता मंदिर: संतान प्राप्ति की आस्था से जुड़ा मंदिर बड़ोखर काली माता मंदिर पर भी विशाल मेला लगा है। इस मंदिर की मान्यता है कि यहां वे महिलाएं विशेष रूप से दर्शन करने आती हैं जो संतान सुख की कामना करती हैं। मान्यता के अनुसार, जिन महिलाओं की मन्नत पूरी होती है, वे माता को झूला चढ़ाकर अपनी श्रद्धा प्रकट करती हैं।
मुरैना शहर से 20 किलोमीटर दूर स्थित माता बसैया मंदिर में जिले का सबसे बड़ा मेला लगा हुआ है। इस ऐतिहासिक मंदिर की अत्यधिक मान्यता है, और यहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष खरीदारी और मनोरंजन मंदिरों के मेलों में झूले, खिलौने, कपड़े, जूते-चप्पल, बैग और अन्य घरेलू सामानों की खूब बिक्री हो रही है। भक्ति के साथ-साथ खरीदारी और मनोरंजन का भी विशेष प्रबंध किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को पूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव मिल रहा है।