लखनऊ5 मिनट पहले
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लखनऊ के गोमती नगर स्थित विशाल खंड में श्री विश्व कल्याण सत्संग सेवा समिति द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का तीसरा दिन संपन्न हुआ। कथा व्यास रोहित शास्त्री ने महाभारत के अंतिम क्षणों का वर्णन किया।
शास्त्री जी ने अश्वत्थामा द्वारा की गई क्रूर घटना का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि कैसे युद्ध के बाद अश्वत्थामा ने द्रौपदी के पांचों पुत्रों की निर्मम हत्या कर दी। यह कृत्य न केवल युद्ध के नियमों का उल्लंघन था, बल्कि मानवता और धर्म के विरुद्ध भी था।
गोमती नगर स्थित विशाल खंड में श्रीमद्भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु।
दुर्योधन को अपने किए पर पश्चाताप हुआ
कथा में दुर्योधन के अंतिम क्षणों का भी विशेष उल्लेख किया गया। महाभारत युद्ध में पराजय के बाद दुर्योधन को अपने किए पर पश्चाताप हुआ। उसे एहसास हुआ कि उसके अहंकार और गलत निर्णयों ने पूरे कुरु वंश को विनाश की ओर धकेल दिया।
कार्यक्रम में भक्त शिरोमणि हनुमान जी महाराज ने विशेष आशीर्वाद प्रदान किया। स्थानीय निवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर कथा श्रवण का लाभ उठाया। कथा के माध्यम से भक्तों को जीवन के महत्वपूर्ण सबक समझने का अवसर मिला।