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जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा सहयोगी के ठिकानों पर छापेमारी, हथियारों और संपत्तियों की चोरी; 3 आतंकी मददगारों की गिरफ्तारी और 2 आतंकियों की मौत

जम्मू-कश्मीर में राजौरी पुलिस ने गुरुवार को 4 दिन पहले, यानी सितंबर 18 को, लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) सहयोगी के समर्थकों के ठिकानों पर एक आक्रमण किया। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक पिस्तौल, मैगजीन और गोलियों को बरामद किया और 2 चीनी ग्रेनेड को भी प्राप्त किया। इस कार्रवाई के पीछे मुख्य कारण यह था […]
जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा सहयोगी के ठिकानों पर छापेमारी, हथियारों और संपत्तियों की चोरी; 3 आतंकी मददगारों की गिरफ्तारी और 2 आतंकियों की मौत
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जम्मू-कश्मीर में राजौरी पुलिस ने गुरुवार को 4 दिन पहले, यानी सितंबर 18 को, लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) सहयोगी के समर्थकों के ठिकानों पर एक आक्रमण किया। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक पिस्तौल, मैगजीन और गोलियों को बरामद किया और 2 चीनी ग्रेनेड को भी प्राप्त किया। इस कार्रवाई के पीछे मुख्य कारण यह था कि राजौरी के धरमसाल थाने में दर्ज FIR नंबर 95/2026 की जांच में एक मॉड्यूल का पता चला था।

इस मामले में तीन आतंकी मददगारों को गिरफ्तार किया गया था। उनकी पहचान राजौरी के कोटचरवाल और उधन गांव के निवासी मोहम्मद आजम, जाकिर हुसैन और मोहम्मद मुश्ताक के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये तीनों आरोपी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे। उन्होंने आतंकियों को रहने की जगह देकर उन्हें एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में सहायता की। जांच में यह भी पाया गया कि ये आरोपी 2023 में रियासी के चसाना में हुई मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों की भी मदद की थी।

इस मामले के अतिरिक्त, पुलिस ने राजौरी के कोटचरवाल और उधन गांव के निवासी मोहम्मद मुश्ताक को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) नेटवर्क का खुलासा किया था। इस मामले में तीन मददगारों को गिरफ्तार किया गया था।

साथ ही, जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान में रह रहे दो आतंकियों की संपत्तियां अटैच की गईं। पुलिस ने कुपवाड़ा के कचामा में 15 कनाल 7 मरला जमीन और 2 मकान अटैच किए गए हैं। ये संपत्तियां अब्दुल मजीद कुरैशी और परवेज अहमद कुरैशी के नाम पर दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों कचामा के रहने वाले हैं और पाकिस्तान में रहते हुए आतंकी गतिविधियां चला रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने इन संपत्तियों को अटैच करने की मंजूरी दी है।

इसके अतिरिक्त, जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में 16 सितंबर की रात को सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया था। इस एनकाउंटर कार्रवाई के दौरान जिले के मजालता इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इस कार्रवाई में जिम्मेदार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे। उनके पास एक एके असॉल्ट राइफल, 4 मैगजीन, एम4 कार्बाइन (3 मैगजीन के साथ), एक ग्लॉक पिस्टल (2 मैगजीन के साथ) और 4 ग्रेनेड बरामद किए गए थे।

जम्मू-कश्मीर में इस साल अब तक 15 आतंकी घटनाएं हुई हैं। इनमें 15 आतंकी मारे गए, जबकि 2 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए। वहीं 3 नागरिकों की भी मौत हुई। यह आंकड़ा उधमपुर में दो बार सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एनकाउंटर होने के बाद और राजौरी में हुई छापेमारी के संदर्भ में देखा गया है।

संबंधित संस्थानों की जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 16 सितंबर को उधमपुर में दो आतंकियों की मौत की जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों को भेजा था। सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया और जिले के मजालता इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इस कार्रवाई के दौरान दोनों आतंकी पाकिस्तानी थे। पुलिस ने ट्वीट के माध्यम से बताया कि मारे गए दोनों आतंकी पाकिस्तान में रहते हैं। इनकी पहचान सद्दाम और मुस्तफा के रूप में हुई है।

इसके अतिरिक्त, हाफिज सईद के नाम पर 2 महीने में दूसरा गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। जम्मू की एक स्पेशल NIA कोर्ट ने लश्कर-ए-तैयबा के चीफ और घोषित आतंकवादी हाफिज मोहम्मद सईद के खिलाफ नया गैर-जमानती वारंट जारी किया है। उस पर कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकवादियों को हथियार, फंड और निर्देश देने का आरोप है।

राजौरी में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 3 आतंकी मददगारों के ठिकानों पर छापेमारी के साथ-साथ, डोडा में 9 सितंबर को एक पाकिस्तानी आतंकी का सड़ा हुआ शव मिला था। SOG, राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और CRPF की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन के दौरान शव बरामद किया। आतंकी को 6 सितंबर को सेओजधार के घने जंगलों में हुई मुठभेड़ में मारा गया था, लेकिन दुर्गम इलाके के कारण उसका शव बाद में बरामद हुआ। बरामद हथियार और अन्य सामान की जांच अभी जारी है।

इन सभी घटनाओं के संदर्भ में, जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा प्रशासन ने लगातार कड़ी कार्रवाई की है ताकि आतंकी गतिविधियों को रोका जा सके। पुलिस ने विभिन्न जिलों में संयुक्त टीमों के माध्यम से गिरफ्तारियों और छापेमारियों को जारी रखा है। इस साल की स्थिति के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के प्रति सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहना आवश्यक है।

यह खबर जम्मू-कश्मीर के स्थानीय मीडिया और पुलिस चैनलों में भी प्रसारित हो रही है, जहां इस क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति के बारे में नियमित अपडेट दिया जा रहा है।

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