दिल्ली में चुनाव आयोग के निर्देश पर जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल सहित कई बड़े नेताओं को उनके एन्यूमरेशन फॉर्म में पाई गई गड़बड़ियों के कारण नोटिस भेजा गया है। चुनाव आयुक्त कार्यालय के मुताबिक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल कुल 33.13 लाख मतदाताओं को इन नोटिस की सूची में शामिल किया गया है, जबकि अब तक 31.63 लाख मतदाताओं को नोटिस पहले ही भेज दिए जा चुके हैं। यह जानकारी दिल्ली चुनाव आयुक्त कार्यालय ने शनिवार, 19 सितंबर को जारी बयान के माध्यम से दी।
रेखा गुप्ता की वोटर एंट्री को प्रारंभ में लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी वाली सूची में रखा गया था। अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री को उम्र से जुड़ी गड़बड़ी के कारण नोटिस भेजा गया था। हालांकि, जांच के बाद उनकी एंट्री वैलिडेट कर दी गई है। इसके तहत उनका नाम शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र की अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल होगा, जो 4 नवंबर को जारी की जाएगी। दिल्ली के हर वोटर को 30 जून से 17 अगस्त तक चले घर-घर सत्यापन अभियान के दौरान भरा हुआ फॉर्म जमा करना था। इस अभियान के दौरान ही अधिकारियों ने मतदाताओं के विवरणों को सत्यापित किया और ड्राफ्ट लिस्ट तैयार की।
अरविंद केजरीवाल को नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के वोटर रिकॉर्ड को पिछली SIR से लिंक नहीं होने पर नोटिस मिला है। उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, माता-पिता और बेटे को भी इसी वजह से नोटिस भेजा गया है। केजरीवाल फरवरी पिछले साल हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में नई दिल्ली सीट से हार गए थे। AAP के नेशनल मीडिया इंचार्ज अनुराग धांडा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल जी और उनके परिवार के वोट दिल्ली की वोटर लिस्ट से गायब करने की यह कैसी प्रक्रिया है?”
अधिकारियों ने बताया कि ज्यादातर नोटिस पिछली स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR, जो 2002 में हुई थी, के रिकॉर्ड नहीं मिलने पर भेजे गए हैं। दिल्ली CEO ऑफिस ने कहा, “नोटिस उन मतदाताओं को भेजे जा रहे हैं, जिनका रिकॉर्ड पिछली SIR की वोटर लिस्ट से लिंक नहीं हो सका।” “इनमें वे मतदाता भी शामिल हैं, जिनके रिकॉर्ड को पिछली वोटर लिस्ट से जोड़ने में गड़बड़ी मिली है।” इस प्रक्रिया में, जिनके पास पिछली SIR के रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे, उन्हें नए दस्तावेज़ जमा कराने होंगे।
इसी प्रकार, पूर्व दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को नाम से जुड़ी गड़बड़ी के कारण नोटिस मिला है। उन्होंने बताया कि जरूरी दस्तावेजों के जरिए इसे ठीक करा लेंगे। सचदेवा ने कहा कि उनकी पत्नी और भाई का नाम भी नोटिस पाने वालों की सूची में है। राज्यसभा सांसद कपिल सिबल को नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के वोटर के रूप में पिछली SIR से रिकॉर्ड लिंक नहीं होने के कारण नोटिस मिला है। BJP नेता सुधांशु मित्तल को भी नोटिस भेजा गया है।
दिल्ली निर्वाचन आयोग के मुताबिक, भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर न्यायपालिका, जनप्रतिनिधियों और कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल तथा सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े प्रमुख लोगों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किए गए हैं। इन नामों को पहले वोटर डेटाबेस में जांच के लिए चिन्हित किया गया था। अब दावे और आपत्तियों के चरण में जरूरी दस्तावेज जुटाए जा सकेंगे। यह निर्णय विशेष रूप से उन वर्गों के लिए लिया गया है जिनकी जनसंख्या में तेजी से बदलाव हो रहा है या जिनकी पहचान सत्यापन के लिए अतिरिक्त दस्तावेज़ों की मांग होती है।
नोटिस पाने वाले मतदाताओं को 29 अक्टूबर तक जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा कराने होंगे। यह दस्तावेज संबंधित विधानसभा क्षेत्र के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स यानी EROs को देने होंगे। दिल्ली CEO ऑफिस ने बताया कि SIR के दावे और आपत्तियों के चरण के तहत नोटिस भेजे जा रहे हैं, जो 30 सितंबर को समाप्त होगा। नोटिस पाने वाले सभी 33 लाख मतदाताओं की सूची दिल्ली CEO ऑफिस की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। मतदाता अपनी स्थिति के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन दावा कर सकते हैं।
इस पूरी प्रक्रिया के संदर्भ में, चुनाव आयुक्त कार्यालय ने यह स्पष्ट किया कि नोटिस केवल उन मतदाताओं को भेजे जा रहे हैं, जिनका रिकॉर्ड पिछली SIR की वोटर लिस्ट से लिंक नहीं हो सका या जिनके रिकॉर्ड में जोड़ने के समय गड़बड़ी मिली है। अंतिम वोटर लिस्ट तैयार करने से पहले सभी दावों और आपत्तियों का निस्वार्थ खंडन किया जाएगा। जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड सही पाया गया है, जैसे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का, उनकी एंट्री पहले से ही वैलिडेट कर ली गई है। अगले चरण में अंतिम सूची के आधार पर मतदान के लिए अंतिम तैयारियां चलाई जाएंगी।


















