मुंबई: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे (IIT बॉम्बे) के पवई कैंपस में स्थित हॉस्टल नंबर 4 के कमरे में शुक्रवार को बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोड़े ने आत्महत्या कर ली। वह महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले थे और ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग में अध्ययनरत थे। घटना के कुछ घंटों पहले ही उनके व्यवहार पर नजर आई थी, जब उन्हें परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग के संदर्भ में पकड़ लिया गया था। इसके बाद वह अपने कमरे में गए और आत्महत्या कर ली।
साहिल के पिता ने इस घटना के बाद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने शिक्षक सूर्यनारायण दुल्ला पर जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाया है। पिता के अनुसार, दुल्ला ने साहिल को जाति आधारित अपमानित शब्दों से संबोधित करते हुए उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी थी। पिता ने कहा कि इस प्रकार के व्यवहार से उनके बेटे को मानसिक दबाव महसूस हुआ और अंततः वह इस आत्महत्या के कदम को उठाने के लिए मजबूर हो गए।
पिता की शिकायत के आधार पर मुंबई पुलिस ने शिक्षक सूर्यनारायण दुल्ला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने पिता के बयान को आधार बनाते हुए संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को जांच की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। क्राइम ब्रांच की टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है, साथ ही हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज और छात्रों के बयान एकत्र कर रही है।
IIT बॉम्बे देश के अग्रणी तकनीकी संस्थानों में से एक है, जो पवई, मुंबई में स्थित है। संस्थान में विभिन्न इंजीनियरिंग और विज्ञान विषयों के अंतर्गत बीटेक, एमटेक और पीएचडी कार्यक्रम चलते हैं। ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा प्रणाली और संबंधित प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित अनुसंधान और शिक्षा प्रदान करता है। साहिल इसी विभाग में बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था और अपने शैक्षणिक प्रदर्शन को लेकर नियमित रूप से कक्षाओं में भाग लेता था।
परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग के संबंध में संस्थान की नीति स्पष्ट है: परीक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना प्रतिबंधित है। सूत्रों के अनुसार, निरीक्षणकर्ता ने साहिल को मोबाइल फोन का उपयोग करते देखा और उसे तुरंत रोकने का प्रयास किया। इस घटना के कुछ घंटों बाद ही साहिल ने अपने हॉस्टल कमरे में आत्महत्या कर ली। घटना के तुरंत बाद हॉस्टल अधिकारियों और संस्थान की प्रशासनिक टीम ने घटना की सूचना पुलिस को दी और आवश्यक समर्थन प्रदान किया।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने बताया कि जांच के सभी पहलुओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। टीम ने हॉस्टल के सुरक्षा कर्मियों, fellow छात्रों और faculty सदस्यों के बयान दर्ज किए हैं। साथ ही, घटना के दिन और समय के आसपास की सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। पिता द्वारा लगाए गए जातिसूचक अपमान और धमकी के आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक संचार भी खंगाले जा रहे हैं।
अभी तक किसी भी आधिकारिक बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि शिक्षक सूर्यनारायण दुल्ला पर कोई विशिष्ट कानूनी कार्रवाई की गई है या नहीं। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। संस्थान की ओर से भी एक बयान जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वे छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं।
इस घटना के बाद छात्र समुदाय में शोक की लहर चल पड़ी है। कई छात्रों ने शांति मार्च और सभा का आयोजन करके मृतक की आत्मा की शांति की प्रार्थना की और संस्थान से मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग की। प्रशासन ने कहा कि वे परामर्श सेवाओं की उपलब्धता बढ़ा रहे हैं और छात्रों के तनाव को कम करने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन कर रहे हैं।
जांच जारी रहने के कारण फिलहाल कोई अतिरिक्त विवरण साझा नहीं किया जा रहा है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने सार्वजनिक रूप से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति जो इस मामले से संबंधित जानकारी रखता है, वह आगे आकर सहयोग प्रदान करे। घटना के सटीक कारण और संबंधित परिस्थितियों का स्पष्ट चित्रण केवल पूर्ण जांच के बाद ही सामने आएगा।


















