1876-78 का दौर। भारत में 55 लाख से ज्यादा लोग अकाल मौत मारे गए। उस तबाही की जड़ में था- सुपर अल नीनो। प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस ज्यादा उबला और पूरी दुनिया का मौसम पलट गया।
.
अब 148 साल बाद वैसी ही दस्तक फिर सुनाई दे रही है।
11 जून 2026 को अमेरिकी मौसम एजेंसी NOAA ने आधिकारिक ऐलान किया कि अल नीनो शुरू हो चुका है। जल्द ही ये ‘सुपर अल नीनो’ में तब्दील हो सकता है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक इस मानसून सामान्य से 10% कम बारिश होगी। सूखे की आशंका 60% पहुंच गई है। पीएम मोदी ने भी राज्यों से कहा- अल नीनो के खतरे के लिए तैयार रहें।
आखिर ये अल नीनो और सुपर अल नीनो क्या है, दूर समुद्र का पानी गर्म होने से भारत का मौसम कैसे बदलता है और इससे आपके खाना-पानी और बिजली पर कितना असर पड़ेगा; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में…








******
ग्राफिक्स- दृगचंद्र भुर्जी और अंकलेश विश्वकर्मा
————-
मौसम से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए…
6 घंटे में मार सकती है बांदा की गर्मी; 117 डिग्री बुखार जितना तापमान; रेगिस्तान से भी गर्म क्यों है ये इलाका

यूपी का बांदा अप्रैल के आखिरी 10 में से 5 दिनों में दुनिया का सबसे गर्म शहर रहा है। 27 अप्रैल को तापमान रिकॉर्ड 47.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ये इस गर्मी का सबसे ज्यादा पारा था। अगर इसमें कोई इंसान खुले आसमान में रहे, तो 30 मिनट से 6 घंटों के बीच उसकी मौत हो सकती है। पूरी खबर पढ़िए…















