प्रदेश के छह जिलों के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला परियोजना समन्वयकों को स्कूल शिक्षा विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन 12 अधिकारियों को उनके जिलों में अशासकीय विद्यालयों के सत्यापन का काम चार माह बाद भी नहीं करने के चलते नोटिस जारी
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जिला परियोजना समन्वयक और प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी नोटिस में कहा गया है कि संचालनालय द्वारा एजुकेशन पोर्टल पर 12 दिसम्बर 2024 और 17 दिसम्बर 2024 को अपलोड किए गए सर्कुलर में संबंधित अफसरों के जिले में सभी अशासकीय विद्यालयों के सत्यापन के निर्देश दिए गए थे जिसे एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर अपलोड किया जाना था। यह काम 28 दिसम्बर 2024 तक पूरा किया जाना था लेकिन सत्यापन की कार्यवाही तय अवधि तक पूरी नहीं की जा सकी। इसके बाद संचालनालय द्वारा 3 अप्रेल 2025 को एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर जारी निर्देश में सात अप्रेल 2025 तक अशासकीय विद्यालयों के सत्यापन का काम फिर पूरा करने के निर्देश जारी किए गए। इसके बाद भी आपके जिलों में कार्य शून्य स्थिति में है।
ऐसे में शासन द्वारा निर्देश पर अमल न किए जाने के इन जिलों के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक के कार्यों को मध्यप्रदेश सेवा आचरण नियम के खिलाफ अनुशासनहीनता, लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश और पदीय दायित्वों के विरुद्ध माना है। इन अधिकारियों पर दंड लगाने का नोटिस जारी करते हुए कहा गया है कि 25 अप्रेल तक यह काम पूरा करें अन्यथा शासन द्वारा अनुशासनहीनता की एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।
इन जिलों के अधिकारियों को मिला नोटिस
- एसके सक्सेना, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, मुरैना
- हरीश तिवारी, जिला परियोजना समन्वयक, मुरैना
- चंद्र शेखर सिसोदिया, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, गुना
- ऋषि गर्ग, जिला परियोजना समन्वयक, गुना
- एनके अहिरवार, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, भोपाल
- ओमप्रकाश शर्मा, जिला परियोजना समन्वयक, भोपाल
- संजय सिंह तोमर, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, सीहोर
- आरआर उइके, जिला परियोजना समन्वयक, सीहोर
- आरएस बामनिया, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, झाबुआ
- आरएस सिंगार, जिला परियोजना समन्वयक, झाबुआ
- आरसी खंगार, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, आगर मालवा
- एमके जाटव, जिला परियोजना समन्वयक, आगर मालवा