सिविल अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र में सभी को भर्ती करवाया गया है। (फाइल फोटो।)
पंजाब के जालंधर में एक धार्मिक स्थान पर चलाए जा रहे नशा छुड़ाओ केंद्र से जिला प्रशासन को मिली शिकायत के बाद वहां से करीब 34 युवाओं को निकाला गया और उन्हें सिविल अस्पताल के डी-एडिक्शन सेंटर में भर्ती करवाया गया। ये कार्रवाई कल यानी गुरुवार को दोपहर के
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जालंधर के गांव जमशेर के एक धार्मिक स्थल से 34 युवाओं को निकाला गया था। जालंधर के सिविल अस्पताल में स्थित नशा मुक्ति केंद्र में सभी को भर्ती करवाया गया है। प्रशासन को शिकायत मिली थी उक्त धार्मिक स्थान कम डेरे पर भारी मात्रा में युवक ऐसे हैं, जोकि नशा छोड़ने के लिए आए थे और अब वहां पर फंसे हुए हैं।
वीरवार दोपहर प्रशासनिक अधिकारी, जालंधर सेहत विभाग और पुलिस टीमें मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। हालांकि इसे लेकर जिला प्रशासन द्वारा कोई भी बयान नहीं जारी किया गया है। वहीं, एरिया एसएचओ संजीव सूरी ने कहा- सेहत विभाग की टीमें मौके पर गईं जरूर थीं, उक्त युवाओं को जांच के लिए वहां से लेकर जाया गया है।
34 मरीज एक साथ डी-एडिक्शन सेंटर आने की हुई पुष्टि
सिविल सर्जन गुरमीत सिंह ने जालंधर सिविल अस्पताल के डी एडिक्शन सेंटर में एक साथ 34 मरीजों के भर्ती होने की पुष्टि की है। हालांकि उस पर कहा गया है कि उक्त मरीजों को सिर्फ जांच के लिए ही लाया गया है। डेरे का संचालन कुछ निहंग मिलकर कर रहे थे।
दावा है कि उक्त जगह पर नशा छुड़वाने के लिए कोई दवा या अन्य किसी चीज का इस्तेमाल नहीं करते थे, बल्कि उन्हें सिर्फ धार्मिक चीजें बताकर नशा छुड़वाया जाता था। बता दें कि ऐसे ही खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह भी डेरा चलाते और युवाओं को नशा छुड़वाने का दावा करते थे। वहां से बाहर निकलने के बाद कई युवाओं ने उक्त डेरे पर प्रताड़ित किए जाने के भी आरोप लगाए थे।