राज्य सरकार ने जंक फूड और मिलावटी खान-पान से बिगड़ती सेहत पर कार्रवाई शुरू की है। इसके तहत सालभर में मिलावटखोरों पर 9 करोड़ का जुर्माना लगाया गया, लेकिन वसूली सिर्फ 3 करोड़ की हुई। यह जानकारी ज्वाइंट कंट्रोलर माया अवस्थी ने समीक्षा बैठक में डिप्टी स
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डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल मंगलवार को खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता प्रबंधन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक माह तक मिलावट रोकने और हाइजीन पर विशेष जागरुकता अभियान चलेगा। पीएम नरेंद्र मोदी के ईट राइट इंडिया अभियान का जिक्र करते हुए, डिप्टी सीएम ने मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच तेज करने के निर्देश दिए। गड़बड़ी पर कार्रवाई और अच्छी प्रैक्टिस पर प्रोत्साहन की बात कही गई।
फूड टेस्टिंग लैब्स की क्षमता की समीक्षा में इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में नई लैब्स का निर्माण हो रहा है। इंदौर और जबलपुर में टेस्टिंग शुरू हो गई है। भोपाल में हाइटेक माइक्रो बॉयोलॉजी लैब का 80% निर्माण पूरा हो गया है। डिप्टी सीएम ने हर जिले में एक हेल्दी और हाईजीनिक फूड स्ट्रीट बनाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, स्ट्रीट फूड वेंडर्स को स्वच्छता और खाद्यान गुणवत्ता की ट्रेनिंग दी जाएगी।