50 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ की गई निधि
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नगर निगम के सपनों का बजट गुरुवार को पेश किया गया। इस बार शहर का बजट 3611 करोड़ रुपए का रखा गया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष से 258 करोड़ रुपए ज्यादा है। पिछला बजट 3353 करोड़ का था। आंकड़ों की इस बाजीगरी में सीवेज, अमृत और स्वच्छ भारत मिशन के बजट में कटौती कर दी गई है। लेकिन झील संरक्षण का बजट दोगुना कर दिया गया। बजट के दौरान एमआईसी सदस्यों की निधि 50 लाख से 1 करोड़ रुपए किए जाने पर हंगामा हो गया।
कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए एमआईसी सदस्यों की निधि नहीं बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि उन्हें अलग से बजट क्यों, वे किसी दूसरे के वार्ड में पैसा नहीं खर्च करते हैं। इस पर एमआईसी सदस्य रविंद्र यति भिड़ गए। कहा- अब कोई निधि नहीं होगी। जिस क्षेत्र में जितना संपत्तिकर मिलेगा, वहां उसके हिसाब से ही बजट दिया जाएगा। आप लोगों के वार्ड से तो संपत्ति कर जमा ही नहीं हो रहा।
नगर निगम कर्मचारियों को पीटा जाता है। नल के बिल नहीं भरते। इसके बाद हंगामा इतना बढ़ा कि कांग्रेस पार्षदों ने नगर निगम अध्यक्ष किशन सिंह सूर्यवंशी को घेर लिया। इस पर भाजपा पार्षद नारेबाजी करने लगे। काफी देर तक हंगामा चलता रहा।
कांग्रेस के पार्षद नगर निगम अध्यक्ष के पास से हटे तो भाजपा पार्षदों ने अध्यक्ष को चारों तरफ से घेर लिया। इस बीच कांग्रेस पार्षद जमीन पर बैठ गए। हंगामा बढ़ते देख अध्यक्ष ने 10 मिनट के लिए बैठक को स्थगित कर दिया। आधे घंटे बाद बैठक शुरू हुई और रात 8 बजे तक ध्वनि मत से बजट पारित कर दिया गया।
तीन मुद्दे… जिन पर पार्षदों के बीच हुआ विवाद
वन नेशन वन इलेक्शन पर सबसे ज्यादा हंगामा
सबसे ज्यादा बहस अलग से रखे गए प्रस्ताव वन नेशन वन इलेक्शन पर हुई। बीजेपी पार्षद सूर्यकांत गुप्ता ने वन नेशन वन इलेक्शन का प्रस्ताव रखा। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा, हमें देश हित में जरूर सोचना चाहिए, लेकिन अभी हम नगर निगम के हित में सोच लें। नगर निगम के कर्मचारियों का वेतन नहीं हुआ। उनके बारे में सोचें।
कांग्रेस पार्षद बोले- निधि के लिए टैक्स नहीं बढ़ाएं
कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने पूछा कि 2022 के बाद हाउसिंग फॉर ऑल के तहत कितने नए प्रोजेक्ट आए। जवाब देते हुए छाया ठाकुर ने जब 2018 से शुरू हुए प्रोजेक्ट की जानकारी देना शुरू किया तो कांग्रेस पार्षद बोले- 2022 के बाद के सवाल पर आप 2018 का जवाब दे रही हैं। योगेंद्र ने महापौर से कहा- निधि बढ़ाने के लिए जनता पर कर न थोपें।
वक्फ बिल पर भाजपा ने की तारीफ, कांग्रेसी भिड़े
इसके साथ ही भाजपा पार्षद ने संसद में एक दिन पहले पेश किए गए वक्फ बिल बोर्ड की तारीफ की। इस पर अध्यक्ष सूर्यवंशी ने कहा कि यह अच्छी बात है कि एक अच्छा बिल रखा गया, जिसकी खुशी देश भर में मनाई गई। इस पर नेता प्रतिपक्ष जकी नाराज हो गईं। उन्होंने कहा कि यह मुसलमान की जमीनों को खाने वाला बिल है।
विरोध करने वाले भाजपा पार्षदों ने कमिश्नर की तारीफ की… एक दिन पहले तक कमिश्नर हरेंद्र नारायण के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले पार्षदों ने कमिश्नर की तारीफ की। कहा- जीआईएस के दौरान बहुत अच्छे काम किए। महापौर ने कहा कि निगम की पूरी टीम लगातार लगी रही। बजट बनाने वाले अपर आयुक्त वित्त गुणवंत सेवतकर और उनकी टीम रात-रात भर लगी रही। कई बार बजट बदला गया। टीम ने बेहतर काम किया।
नगर निगम मुख्यालय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर स्मार्ट सिटी द्वारा टीटी नगर में बनाए गए रहवासी आवासों और सेकंड स्टॉप के पास बनाए जा रहे नगर निगम के निर्माणाधीन भवन का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर किया गया। परिषद में इस संबंध में भाजपा पार्षदों द्वारा प्रस्ताव लाया गया।
पिछले बजट में कितना पैसा बचा, नहीं बता पाईं महापौर नेता प्रतिपक्ष जकी ने पूछा कि पिछले बजट में 26 मदों में रखी गई राशि में किस-किस वार्ड में विकास कार्यों के लिए खर्च की गई राशि और कितनी शेष बची है। महापौर मालती राय ने बताया कि सभी मदों की पूरी जानकारी अधिकारियों द्वारा नहीं दी गई है कि कितनी राशि खर्च और कितनी बची है।