इंदौर नगर निगम क्लीन सिटी, ग्रीन सिटी, योग सिटी, डिजिटल सिटी, सोलर सिटी और यातायात प्रबंधन इन छह विषयों पर अधिक काम करेगी। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने गुरुवार को वर्ष 2025–26 के लिए 8 हजार 238 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। इस बार कोई नया टैक्स नहीं लगा
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2 साल में एक्यूआई को 50 के आदर्श स्तर पर लाने का लक्ष्य तय किया गया है। चंदन नगर से सिरपुर तक ब्रिज बनाने के लिए 50 करोड़ का प्रावधान भी किया गया है। इसके इलावा इस साल पॉकेट फ्रेंडली मोबाइल एप भी निगम ला रहा है ताकि शहर में चल रहे निर्माणकार्य की स्थिति का पता चल सके। इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए 500 कराेड़ के बॉन्ड और लोन लाने की भी योजना तैयार की जा रही है।
15 अप्रैल से नए पोर्टल का काम शुरू होगा। 3 माह में रेवेन्यू का काम इसी से होगा। जनवरी 2026 में स्वामी विवेकानंद की 39 फीट ऊंची प्रतिमा के लोकार्पण, हर घर का डिजिटल पता, मोबाइल एप से कचरा उठवाना आदि घोषणाएं की गई। दो घंटे 20 मिनट में बजट सत्र खत्म हुआ। अब 4 अप्रैल को इस पर चर्चा होगी। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट भी बजट सम्मेलन में शामिल हुए।
घाटे का बजट: 8174.94 करोड़ रु. की आय }8236.98 करोड़ रु.का व्यय
बजट की मुख्य बातें
- हर घर का डिजिटल पता होगा।
- हर वार्ड में ग्लोबल गार्डन।
- जू में एक्वेरियम बनेगा।
- 100 इलेक्ट्रिक कचरा वाहन
- हाईराइज बिल्डिंग पर आग लगने की स्थिति में 70 मीटर की टर्न टेबल मशीन खरीदेंगे।
- 450 करोड़ की लागत से 33 मास्टर प्लान की सड़कों का निर्माण होगा। 10 सड़कों के लिए 130 करोड़ का प्रावधान।
- चंदन नगर से सिरपुर तक 50 करोड़ की लागत से ब्रिज बनाएंगे
- पोलोग्राउंड की जमीन पर ग्रीन एरिया बनेगा
- 6 क्षेत्रों में 500 किमी की ड्रेनेज लाइन डाली जाएगी।
- पुल-पुलिया निर्माण के लिए 80 करोड़ रुपए का प्रावधान।
एक्सपर्ट एनालिसिस वर्ष 2050 के हिसाब से बजट बनाना अच्छा कदम है। पिछले साल की तुलना में आय घटी है। मास्टर प्लान की अधूरी सड़कों के लिए बजट रखा है। लेफ्ट टर्न पर भी ध्यान दिया गया है। मेजर रोड के साथ छोटे रोड के लिए बजट रखना अच्छा कदम है। इस बार पीपीपी मॉडल पर पार्किंग भी ले रहे हैं। सारे काम कम से कम शुरू हो जाएं, तभी इसकी सार्थकता है। यह बजट निगम को आत्मनिर्भर बनाएगा। मेट्रोपोलिटन सिटी के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने की जरूरत होगी। जगदीश डगांवकर, श्रीनिवास कुटुंबले (रिटायर्ड इंजीनियर), संतोष मुछाल (सीए)
पैसों की कमी नहीं आने देगी सरकार ^यह ट्रिपल इंजन की सरकार कभी पैसों की कमी नहीं आने देंगी। काम करने का यह अच्छा अवसर है। – कैलाश विजयवर्गीय, नगरीय प्रशासन मंत्री
वर्ष 2050 तक के लिए की प्लानिंग
^हमने इस बजट में वर्ष 2050 तक के लिए प्लानिंग की है। यह बजट भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर
फाइल घोटाले पर क्या कार्रवाई हुई
^हम बजट पर सार्थक चर्चा भी करेंगे, पर इससे पहले जनता जानना चाहती है कि फर्जी फाइल घोटाले पर क्या कार्रवाई हुई? – चिंटू चौकस, नेता प्रतिपक्ष
भास्कर इनसाइट
- डिजिटल सिटी बनाने की घोषणा पिछले बजट में भी थी। पोर्टल बनाने का काम 15 अप्रैल से लागू होगा। डॉक्यूमेंटेशन को डिजिटल करने का काम शुरू हो चुका है।
- लेफ्ट टर्न, आईटीएमएस, सड़कों के निर्माण और स्ट्रीट लाइट संबंधी प्रस्ताव पूर्व से प्रचलित हैं। उन्हें ही आगे बढ़ाया है। प्रमुख सड़कों के अलावा छोटी सड़कों का भी प्रावधान किया जा रहा है।
- नर्मदा के चौथे चरण की घोषणा वर्ष 2023 के बजट में भी की गई थी। अमृत 2 का प्रावधान वर्ष 2024 के बजट में भी था लेकिन दो साल से योजना का काम शुरू नहीं हो पाया है। अमृत -1 के तहत सीवर लाइन का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है।
- 47 स्थानों पर सोलर इंटीग्रेटेड चार्जिंग स्टेशन बनने थे। 37 बने।
- पिछले बजट में हॉकर्स जोन के भी प्रावधान थे, लेकिन सभी नहीं बन पाए।
- 29 गांवों के लिए तीन गुना बजट का प्रावधान पिछली बार भी था, इस बार भी है। जबकि वहां बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं।
- आरई-2, आरडब्ल्यू-1 और एमआर-4 सहित अन्य सड़कों के काम को पूरा करने का प्रावधान भी है जबकि मास्टर प्लान की यह तीन सड़कें दो साल से नहीं बन पा रही है।
- 30 बस्तियों को ग्रीन स्लम बनाना था। वह काम अभी तक पूरा नहीं हुआ।
- हर जोन में लाइब्रेरी और करियर काउंसलिंग सेंटर बनाने की घोषणा पिछली बार भी थी।
- सिरपुर वेटलैंड का काम पिछले बजट में भी शामिल था, वहां अभी तक पूरा काम नहीं हुआ। पौधारोपण होना बाकी है।
- इस बार जीएसआई सर्वे का प्रावधान फिर किया गया जबकि पिछली बार जब सर्वे हुआ था तो पूरे शहर का सर्वे ही नहीं हा़े पाया। ई-नगर पालिका पोर्टल में गड़बड़ होने से लोगों को पुराने टैक्स के मैसेज ही मिलते रहे।