मुंबई. आईआईटी बॉम्बे के कैंपस में शुक्रवार की शाम एक और आत्महत्या घटना को लेकर स्नायेक्कता फैल गई। संस्थान के हॉस्टल में दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे को कमरे में फंदे से लटकता मिला। साहिल महाराष्ट्र के यवतमाल का निवासी था और एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में पढ़ाई कर रहा था।
घटना से कुछ घंटे पहले साहिल परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करते पकड़े गए थे। आईआईटी बॉम्बे के बताने के अनुसार, उसने क्वेश्चन पेपर की तस्वीर ChatGPT पर अपलोड करके नकल करने की कोशिश की थी। परीक्षा शाम चार बजे खत्म होने के बाद वह हॉस्टल लौट गया था और उसी शाम उसे मृत अवस्था में पाया गया।
संस्थान ने इस घटना में साहिल के खिलाफ किसी प्रशासनिक कार्रवाई न करने की जानकारी दी है। आईआईटी बॉम्बे के अनुसार, उसे इंस्ट्रक्टर और विभागीय प्रमुख ने परीक्षा हॉल में ही समझाया था। उन्होंने उसे यह भी भरोसा दिया था कि इस घटना का उसके करियर पर कोई असर नहीं पड़ेगा। संस्थान ने मामले की जांच चल रही होने की जानकारी दी है।
साहिल की मौत के बाद आईआईटी बॉम्बे कैंपस में छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। 400 से अधिक छात्रों ने प्रत्यावधान करने वाले प्रशासन से जवाब मांगा। इसी दबाव के बीच संस्थान के डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदारे ने छात्रों से मुलाकात की। प्रदर्शन के बीच संस्थान ने मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टाल देने का निर्णय लिया।
आईआईटी बॉम्बे ने साहिल की मौत पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि घटना के परिणामों को लेकर जांच की जा रही है। यह घटना गत सात महीनों में कैंपस में आत्महत्या का तीसरा मामला बताया गया है। इससे पहले, इसी हॉस्टल में जुलाई में 20 वर्षीय बी.टेक दूसरे वर्ष के एक छात्र ने अपनी जान दी थी। फरवरी में हॉस्टल-4 में दूसरे वर्ष के एक और छात्र ने आत्महत्या की थी।
घटना के बाद कैंपस में छात्रों के भावनात्मक स्वास्थ्य और सहायता सुविधाओं को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। आईआईटी बॉम्बे में छात्रों के मानसिक तनाव को दूर करने के लिए स्टूडेंट वेलनेस सेंटर (SWC) का व्यवस्था है। यहां छात्र व्यक्तिगत परामर्श और तनाव से निपटने में मदद ले सकते हैं। सहायता पाने के लिए छात्रों को wellness@iitb.ac.in पर ईमेल करना या 022-2576-9070 पर फोन करके समय तय करना होगा।
संस्थान की जानकारी के अनुसार, यदि कोई छात्र बार-बार चिड़चिड़ा होने लगे, पढ़ाई छोड़ने लगे, अपने आप को कमरे में बंद रखने लगे, खाना-पीना कम कर दे या निराशा भरी बातें करने लगे, तो यह गंभीर मानसिक तनाव की संकेत माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में समय रहते वेलनेस सेंटर से संपर्क करना उपयोगी बताया गया है।
आत्महत्या से जुड़ी चिंता केवल आईआईटी बॉम्बे तक सीमित नहीं रही। राज्यसभा में जाहिर किए गए राज्यसभा रीटी आर्टिकल आंदोलन (RTI) के आंकड़ों के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच देश के आईआईटी में कुल 65 छात्रों ने आत्महत्या की। इन में से 2025 में अकेले 15 मामले दर्ज हुए। इस अवधि में आईआईटी खरगपुर में सबसे अधिक 11 मामले रजिस्टर हुए।
यह रीटी आर्टिकल आंदोलन पिछले वर्ष आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र धीरज सिंह ने दाखिल किया था। धीरज सिंह आईआईटी छात्रों के लिए ग्लोबल मेंटरिंग नेटवर्क भी चलाते हैं। इन आंकड़ों के बावजूद आईआईटी बॉम्बे ने स्थानीय घटना की जांच और छात्रों से मुलाकात के बाद मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टाल दीं।
इससे जुड़ी एक और रिपोर्ट में आईआईटी दिल्ली में छात्र की आत्महत्या का मामला भी शामिल है। बीगूसराई के ऋषिकेश कुमार ने 22 अगस्त को आईआईटी दिल्ली के कैंपस में अपनी जान दी थी। वह लेक्चरर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से कूदकर गया था। उससे पहले उसे कमरा न मिलने और प्रोजेक्ट रुकने जैसी परेशानियों का वर्णन मिलता है।













