मुंबई के मशहूर 108 साल पुराने ओलंपिया कॉफी हाउस का फूड लाइसेंस महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने सस्पेंड कर दिया है। 16 सितंबर को ग्राहक की शिकायत के बाद FDA की टीम ने ओलंपिया कॉफी हाउस का निरीक्षण किया। जांच में कई गंभीर खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया गया। FDA के अनुसार, फूड स्टोरेज एरिया और किचन में यूरिनल मिला। इसके अतिरिक्त, किचन में कॉकरोच और मक्खियां भी पाई गईं। फ्रिज में मांस का खून मिला और कच्चे वेज तथा नॉनवेज खाने को अलग रखने की उचित व्यवस्था नहीं थी।
35 में से 34 कर्मचारियों ने आवश्यक फूड सेफ्टी ट्रेनिंग नहीं ली थी, जिससे जांच में कई कमियां उजागर हुईं। रेस्टोरेंट में 35 फूड हैंडलर काम कर रहे थे, जिनमें से 34 ने जरूरी फूड सेफ्टी ट्रेनिंग पूरी नहीं की थी। सैनिटेशन रिकॉर्ड और पानी की अनिवार्य रिपोर्ट भी जांच में नहीं मिलीं। बर्तन धोने की जगह गंदी थी और खाना काटने वाले लकड़ी के चॉपिंग बोर्ड भी खराब हालत में थे। कर्मचारियों के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक कपड़े उपलब्ध नहीं थे।
FDA ने इन सभी कमियों के आधार पर फूड लाइसेंस को तत्काल सस्पेंड कर दिया। लाइसेंस बहाल होने तक रेस्टोरेंट खाना खरीद, बना, स्टोर, बेच या बांटने की कोई अनुमति नहीं मिलेगी। कमियां दूर करने और फिर से जांच करने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
इस केस के पीछे के इतिहास को समझने के लिए जानकारी दी जाती है कि ओलंपिया कॉफी हाउस 1918 में शुरू होकर मुंबई के पुराने चर्चित कैफे में स्थित है। यह स्थान 108 वर्षों के इतिहास को दर्शाता है। इसी साल जुलाई में हॉलीवुड अभिनेता टॉम हॉलैंड और मैट डेमन के साथ फिल्ममेकर क्रिस्टोफर नोलन भी यहाँ आए थे। उनकी उपस्थिति से पता चलता है कि यह कैफे ने अपने इतिहास में महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और मनोरंजनीय योगदान दिया है।
अन्य स्थानों पर भी FDA ने कार्रवाई की है। महाराष्ट्र FDA ने मुंबई के मिलन पंजाब, सद्गुरु स्वीट्स, विश्वास स्वीट्स एंड स्नैक्स, ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड और ए-1 जनरल एंड ड्राय फ्रूट्स जैसे प्रतिष्ठित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड या रद्द कर दिया है। पुणे के 4 रेस्टोरेंट और नागपुर के 2 रेस्टोरेंट पर भी इस तरह की कार्रवाई की गई है।
इसके अतिरिक्त, FDA ने त्योहारों से पहले खाद्य पदार्थों की जांच तेज तौर पर बढ़ाई है। जांच में 2,813 किलो दूध और डेयरी उत्पाद जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत लगभग 7.38 लाख रुपये थी। मुंबई में 479 किलो खुला खोया और 958 किलो मीठा मावा जब्त किया गया। इनमें से पालघर में भी 174 किलो मीठा मावा जब्त हुआ।
एक अलग घटनाक्रम में, महाराष्ट्र FDA कमिशनर तुकाराम मुंढे ने अस्पतालों में मेडिकल सामान की कीमतों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि कुछ निजी अस्पतालों में IV इन्फ्यूजन सेट की खरीद कीमत और MRP में बड़ा अंतर है। उदाहरण के लिए, एक निजी अस्पताल ने ₹11.05 में IV इन्फ्यूजन सेट खरीदा था, जबकि उसकी MRP ₹325 थी। कमिशनर ने आरोप लगाया कि अस्पतालों में मेडिकल सामान की कीमतों में भ्रष्टाचार की संभावना है।
FDA की कार्रवाई मुख्य रूप से जनता की सुरक्षा को बचाने के लिए की गई है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम आवश्यक माना गया है। जांच के परिणामों के आधार पर भविष्य में और कार्रवाई की संभावना रहती है, जब तक कि सभी कमियां दूर नहीं होतीं।


















