Pune पुलिस ने शनिवार को केतन अग्रवाल हत्याकांड में कोर्ट में एक बड़े पैमाने पर 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें घटने के पीछे के संदेश और तकनीकी तरीकों का विस्तृत विवरण शामिल है। इस चार्जशीट में आरोपियों द्वारा उपयोग किए गए एक फेक इंस्टाग्राम अकाउंट, कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरण चैटजीपीटी के प्रयोग और पुलिस से बचने के तरीकों के बारे में पॉडकास्ट सुनना जैसे नए तथ्य सामने आए हैं। चार्जशीट के अनुसार, आरोपियों ने एक महिला की फोटो का उपयोग करके ‘माही’ नाम से एक झूठा इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया था। इस फोटो को आरोपियों की पूर्व परिचित महिला की पहचान के आधार पर चुना गया था। इस प्रोफाइल के माध्यम से आरोपियों ने केतन अग्रवाल को संदेश भेजे गए, जिसमें उन्हें 18 जून को लोहगढ़ किले पर आने के लिए कहा गया था। संदेश में बताया गया था कि सिया गोयल के जन्मदिन का सरप्राइज आयोजित किया जा रहा है और उनकी उपस्थिति की आवश्यकता है। इस फेक अकाउंट को रितेश हांगे ने तैयार किया था और घटना के बाद तुरंत इसे हटा दिया गया था। चार्जशीट के अनुसार, हत्या से पहले आरोपियों ने हत्या से संबंधित विभिन्न फिल्में देखी थीं, जिससे उन्होंने योजना बनाने में मदद ली थी। इसके अलावा, उन्होंने चैटजीपीटी का उपयोग करके साजिश की रूपरेखा तैयार की और विभिन्न चरणों में क्या करना है, इसका विवरण तैयार किया। पुलिस से बचने के उपायों को समझने के लिए आरोपियों ने कुछ पॉडकास्ट भी सुने थे, जिनमें अपराधियों की जाँच से बचने के तरीकों पर चर्चा की गई थी। घटना के बाद, जब केतन अग्रवाल की हत्या हो गई, तो आरोपियों ने अपने डिजिटल फॉलेट को मिटाने के प्रयास में फेक इंस्टाग्राम अकाउंट को डिलीट कर दिया। पुलिस ने डिजिटल फोरेंसिक के माध्यम से इस अकाउंट की existencia और उसके द्वारा भेजे गए संदेशों को पुनः प्राप्त किया, जिससे आरोपियों की संलिप्तता की पुष्टि हुई। चार्जशीट में प्रस्तुत किए गए साक्ष्य में चैट लॉग, फोटो पहचान और उपकरणों के उपयोग के रिकॉर्ड शामिल हैं। वर्तमान में, तीनों आरोपी सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे को न्यायिक हिरासत में लिया गया है और वे पुणे की यरवदा सेंट्रल जेल में बंद हैं। जेल अधिकारियों के अनुसार, सभी तीनों को मानक प्रक्रिया के तहत रखा गया है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। मामले की सुनवाई जारी है और अभियोजन पक्ष ने चार्जशीट में प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर आरोप फ़्रेम किए हैं। न्यायालय ने आगे की प्रक्रिया के लिए तारीखें निर्धारित की हैं, जबकि पुलिस जांच अभी भी जारी है और किसी भी नए सबूत के सामने आने पर अपडेट किए जाएंगे। इस मामले ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग और नई तकनीकों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता के संभावित खतरों को उजागर किया है, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों को डिजिटल सबूतों के संग्रह और विश्लेषण में सतर्क रहने की आवश्यकता महसूस हो रही है। खबर लगातार अपडेट हो रही है और आगे की घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।
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Pune Police Submit 5,053-Page Charge Sheet in Ketan Agarwal Murder Case, Reveal Use of Fake Instagram Account and AI Chatbot
Pune पुलिस ने शनिवार को केतन अग्रवाल हत्याकांड में कोर्ट में एक बड़े पैमाने पर 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें घटने के पीछे के संदेश और तकनीकी तरीकों का विस्तृत विवरण शामिल है। इस चार्जशीट में आरोपियों द्वारा उपयोग किए गए एक फेक इंस्टाग्राम अकाउंट, कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरण चैटजीपीटी के प्रयोग और पुलिस […]


















