रीवा के संजय गांधी अस्पताल में गर्भवती कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत के मामले में 21 दिन बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन हुआ है। श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय ने डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवा समाप्त कर दी है। वहीं, बेटी और नवजात को न्याय दिलाने की मांग को लेकर 15 दिन से भूख हड़ताल कर रहे कल्पना के पिता रामशरण मिश्रा को बुधवार को पुलिस ने धरना स्थल से उठा लिया। परिवार लगातार कल्पना और उसके नवजात बच्चे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। इसी मांग को लेकर रामशरण मिश्रा सिरमौर चौराहे पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। 15 दिन से अनशन पर थे, तबीयत भी बिगड़ी रामशरण मिश्रा पिछले 15 दिनों से सिरमौर चौराहे पर भूख हड़ताल कर रहे थे। लगातार अनशन के कारण उनकी तबीयत भी बिगड़ गई थी। बुधवार को पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें धरना स्थल से हटाकर अपने साथ ले गई। पुलिस कार्रवाई के बाद परिजनों और कांग्रेस नेताओं ने विरोध जताया। परिवार का कहना है कि एक डॉक्टर पर कार्रवाई भर से न्याय नहीं मिल सकता। मामले में जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज होना चाहिए। 25 अगस्त को भर्ती, 26 अगस्त की रात हुई थी मौत कल्पना मिश्रा को प्रसव के लिए 25 अगस्त को संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 26 अगस्त की रात प्रसव के दौरान उसकी और नवजात बच्चे की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए थे। मामले ने उस समय और तूल पकड़ा, जब डिलीवरी से पहले अस्पताल से कल्पना का एक वीडियो सामने आया। वीडियो में वह परिजनों से मदद की गुहार लगाते हुए नजर आई थी। वीडियो वायरल होने के बाद मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया था। डॉक्टर की सेवा समाप्त, आदेश जारी इसी बीच श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय ने डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया है। आदेश में बताया गया है कि डॉ. अग्रवाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई पहले से लंबित थी। दरअसल, 2023 में मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों से मरीजों को निजी नर्सिंग होम भेजने के आरोपों की जांच के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति बनाई थी। रिपोर्ट के निष्कर्ष में डॉ. सोनल अग्रवाल के खिलाफ दीर्घशास्ति के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। इसके बाद 9 मार्च 2023 को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। डॉ. सोनल अग्रवाल ने 17 मार्च 2023 को अपना पक्ष/स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया। इसके बाद डॉ. अग्रवाल को सेवा से पृथक किए जाने का प्रस्ताव 29 मार्च 2023 की कार्यकारिणी समिति की बैठक में निर्णय के लिए प्रस्तुत किया गया था। अब जारी आदेश में उनकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की गई है। कल्पना मामले में अब तक क्या-क्या कार्रवाई हुई मामले के सामने आने के बाद दो नर्सिंग स्टाफ को निलंबित किया गया था। बाद में ड्यूटी डॉक्टर डॉ. सोनल अग्रवाल और डॉ. निधि पांडे को भी निलंबित कर दिया गया। इस तरह कुल चार स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई हुई। इसके अलावा संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को पद से हटाया गया। 7 सितंबर को मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल का तबादला सतना मेडिकल कॉलेज कर दिया गया। मामले की जांच के लिए भोपाल से विशेष टीम भी रीवा पहुंची थी, जिसने डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और परिजनों के बयान दर्ज किए। कांग्रेस ने उठाए सवाल, प्रशासन ने दिया जवाब रामशरण मिश्रा को धरना स्थल से हटाए जाने पर कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विनोद शर्मा ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि एक पिता अपनी बेटी और नवजात बच्चे को न्याय दिलाने के लिए 15 दिनों से भूख हड़ताल कर रहा था, लेकिन उसकी मांग सुनने के बजाय उसे ही धरना स्थल से हटा दिया गया। वहीं तहसीलदार शिवशंकर शुक्ला का कहना है कि सिरमौर चौराहा शहर का अत्यधिक व्यस्त क्षेत्र है। वहां लंबे समय तक धरना देने से यातायात और अन्य व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही थीं, इसलिए प्रशासन ने यह कदम उठाया। ————
यह खबरें भी पढ़ें ‘मैं नहीं बचूंगी, बचा लीजिए, मुझे मार डालेंगे मां’, VIDEO:मदद मांगने के कुछ घंटे बाद गर्भवती की मौत मध्य प्रदेश के रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में पहली डिलीवरी के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। मौत के बाद परिजन अस्पताल के मुख्य गेट पर बैठ गए। परिजन ने कहा- इलाज में डॉक्टर ने लापरवाही बरती, इसलिए जान चली गई। लापरवाह डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। पढ़ें पूरी खबर