बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत नावापारा जंगल में जंगली हाथी ने सुबह महुआ बिनने के लिए जंगल में गई पहाड़ी कोरवा महिला को पटक-पटककर मार डाला। पास ही मौजूद मृतका के पति सहित अन्य ग्रामीणों ने भागकर जान बचाई। उक्त हाथी रात को नावापारा जंगल में पहुंचा था। बलरामपुर जिले में पिछले तीन दिनों में हाथी के हमले में यह तीसरी मौत है। हाथियों की मौजूदगी से लोग दहशत में हैं। जानकारी के मुताबिक, शंकरगढ़ के जगिमा पंचायत की निवासी गिद्दी पहाड़ी कोरवा (50साल) अपने पति सुखु लाल कोरवा सहित अन्य ग्रामीणों के साथ नावापारा जोताड़ के जंगल में महुआ बिनने के लिए गई थी। यहां ग्रामीणों ने महुआ बिनने के लिए जंगल में झाले बना रखे हैं, जहां वे रात को भी रूकते हैं और महुआ बिनते हैं। बुधवार सुबह सभी ग्रामीण जंगल में महुआ बिन रहे थे। अचानक हाथी ने किया हमला, महिला को कुचला
महुआ बिनने के दौरान सुबह 6.30 बजे जंगल से बाहर निकले हाथी ने ग्रामीणों को दौड़ाया तो अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण अपनी जान बचाकर भागे। हाथी ने गिद्दी कोरवा को सूंढ़ से पकड़ लिया और उठाकर पटक दिया। वह हाथी के ज्यादा पास आ जाने के कारण नहीं भाग सकी। हाथी ने गिद्दी कोरवा के सिर के बाद भी उखाड़ दिए। पटके जाने से मौके पर ही गिद्दी कोरवा की मौत हो गई। ग्रामीणों द्वारा शोर मचाए जाने पर हाथी वापस जंगल में घुस गया। इसकी सूचना वनविभाग के कर्मियों को दी गई। वनविभाग का अमला पहुंचा, ग्रामीणों में दहशत
घटना की सूचना पर शंकरगढ़ रेंजर सहित वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पुलिस द्वारा महिला के शव को पंचनामा पश्चात् पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि हाथी नावापारा के जंगल में मौजूद है, जिसके कारण लोग सहमें हुए हैं। बताया गया है कि उक्त हाथी कुसमी क्षेत्र में विचरण करते हुए शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र में पहुंचा है। एक दिन पूर्व हाथी बादा के जंगलों में देखा गया था। क्षेत्र में एक ही हाथी विचरण कर रहा है। तीन दिनों में तीसरी मौत
बलरामपुर जिले में तीन दिनों में यह तीसरी मौत है। रामानुजगंज वन परिक्षेत्र के ग्राम फुलवार में सोमवार शाम हाथी ने दंपती पर हमला कर दिया था। हाथी ने महिला अस्मीना अंसारी के हाथ उखाड़ दिए थे, जिसकी अंबिकापुर में मौत हो गई एवं उसका पति उस्मान अंसारी घायल है।
फुलवार में हमले के बाद उक्त हाथी रामपुर पहुंच गया और तड़के करीब 3 बजे महुआ बिनने के लिए खेत में गए दुर्गा प्रसाद (48साल) को पटक-पटककर मार डाला। दुर्गा प्रसाद अंबिकापुर कमिश्नर आफिस का प्यून था। रामानुजगंज क्षेत्र में 3 हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें से एक हाथी आक्रामक है। महुआ के सीजन में हाथी के हमले में ज्यादा मौतें
सरगुजा संभाग में हाथियों के हमले में मौत की संख्या महुआ एवं तेंदूपत्ता के सीजन में बढ़ जाती हैं। हालांकि वर्तमान में सरगुजा संभाग के सरगुजा, सूरजपुर एवं बलरामपुर जिले में हाथियों की संख्या ज्यादा नहीं है। बलरामपुर के रामानुजगंज क्षेत्र में 3, राजपुर, वाड्रफनगर एवं शंकरगढ़ क्षेत्र में एक-एक हाथी विचरण कर रहे हैं।
Source link