कर्मचारी का रिकॉर्ड भेजने की जगह कोर्ट केस की फाइल भेजने का मामला तूल पकड़ता दिख रहा है। गुना सीएमएचओ डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर से जब कोर्ट ने इस बारे में स्पष्टीकरण चाहा तो वे बोले- घुटने में चोट लग गई थी। कोर्ट ने पूछा- दिमाग कहां रहता है? तो वे बोले-
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अंत में जज को कहना पड़ा- दिमाग घुटने में तो नहीं है न? रिटायर कर्मचारी बीपी शर्मा ने 2009 में याचिका दायर की और जूनियर वीएन शर्मा को प्रमोशन देने का आरोप लगाया। याचिका में तर्क दिया कि उनकी वरिष्ठता की अनदेखी की गई।
इस पर हाई कोर्ट ने सीएमएचओ गुना से रिकॉर्ड मंगाया था, लेकिन केस के प्रभारी अधिकारी सीएमएचओ ने सर्विस रिकाॅर्ड की जगह कोर्ट केस की फाइल भेज दी। कोर्ट ने यहां तक कह दिया कि ऐसा है तो आदेश हिंदी में लिखवाना शुरू कर दें। सुनवाई में कोर्ट ने सीएमएचओ से पूछा कि उन्होंने किस माध्यम से पढ़ाई की है। उन्होंने बताया- इंग्लिश मीडियम से। इस पर कोर्ट ने तंज कसते हुए कहा कि शायद हमारी ही भाषा में कोई कमी है।