Homeबिहारसऊदी अरब में फंसा अमीरुद्दीन 12 साल बाद लौटा घर: SDM...

सऊदी अरब में फंसा अमीरुद्दीन 12 साल बाद लौटा घर: SDM की पहल पर इंडियन एंबेसी ने भेजा, पीड़ित बोला- भारत जैसा कोई देश नहीं – Bhagalpur News


नौकरी के लिए सऊदी अरब गया भागलपुर का एक युवक 12 साल बाद घर लौटा है। जॉब के लिए सऊदी गया युवक एक हादसे के बाद दोषी करार दिया गया था। उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया था। जब परिजन को जानकारी हुई तो वे बेटे की वतन वापसी को परेशान हो गए। करीब 7 साल तक परिज

.

बुधवार को भागलपुर लौटे युवक का नाम मोहम्मद अमरुद्दीन है, जो 2017 में दोषी करार दिए जाने, 14 महीने तक जेल की सजा काटने और फिर जमानत पर रिहा होने के बाद से 6 साल से सऊदी अरब में भटक रहा था। जिले के जगदीशपुर इलाके के सलेमपुर गांव के रहने वाले अमीरुद्दीन ने बताया कि जमानत पर रिहा होने के बाद उसके पास कोई काम नहीं था, पासपोर्ट और मोबाइल भी जब्त कर लिया गया था। इधर-उधर घूमकर किसी तरह 7 साल गुजारे। इस बीच परिवार वालों से कभी-कभी बात हो जाती थी।

अब जानिए आखिर क्यों और कैसे फंसा था अमीरुद्दीन?

अमीरुद्दीन ने बताया कि सड़क दुर्घटना में मुझे दोषी करार देते हुए सजा दी गई, 14 महीने जेल में रहा। जब जमानत मिली तो मुझे 30 हजार रियाल (6,84,734 रुपए) जुर्माना के तौर पर देना था। मैंने छोटे-मोटे काम कर इसे चुकाने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो पाया। धीरे-धीरे ये जुर्माना बढ़कर 90 हजार रियाल यानी 20,54,203 रुपए हो गया।

मेरा पासपोर्ट तभी मिल सकता था, जब मैं जुर्माने की रकम चुका देता। लेकिन पैसे थे, मैं करीब 6 साल इधर-उधर भटकता रहा। इसी बीच मेरे किसी परिजन ने उदाकिशनगंज मधेपुरा के एसडीओ एम जेड हसन को मामले की जानकारी दी। फिर, एसडीओ ने सऊदी अरब में इंडियन एंबेसी में काम करने वाले अपने जानकार को मेरे बारे में बताया और मदद की अपील की।

इसके बाद सऊदी अरब में इंडियन एंबेसी एक्टिव हुई और मुझसे कॉन्टैक्ट किया। फिर इंडियन एंबेसी ने ही मेरे जुर्माने की राशि को माफ कराया और भागलपुर तक आने के लिए पहले प्लेन और फिर ट्रेन का टिकट कराया।

अमीरुद्दीन ने बताया-

साल 2013 में मुंबई की फजल इंटरप्राइजेज एजेंसी ने नौकरी का ऑफर दिया और मुझे सऊदी अरब ले जाया गया। यहां मुझे सऊदी अरब के रिजाज से करीब 400 किलोमीटर दूर रफी अल जेम्स पहुंचाया गया। मैं पेशे से ड्राइवर हूं। सऊदी जाने के बाद मुझे वहां ट्रक चलाने के लिए दिया गया। सब ठीक चल रहा था। करीब तीन साल बाद सितंबर 2016 को मुझसे एक हादसा हो गया, जिसमें सऊदी अरब का ही रहने वाला एक युवक आंशिक रूप से घायल हो गया। इस मामले में मार्च 2017 में मुझे वहां की कोर्ट ने दोषी करार दिया और 14 महीने जेल में रखा गया।

अमीरुद्दीन ने बताया कि जिस एजेंसी ने मुझे सऊदी अरब में काम दिलाया था और मुझे वहां पहुंचाया था, उसने मेरा न तो वहां का लाइसेंस बनवाया था और न ही उस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन था, जो मैं चला रहा था। इसी के चलते कोर्ट ने मुझे दोषी माना और मुझे जेल जाना पड़ा। अमीरुद्दीन ने कहा कि अब मैं अपने देश से कहीं नहीं जाऊंगा। अपने भारत जैसे कोई देश नहीं है, यहीं कुछ करके कमाऊंगा और परिवार के साथ रहूंगा।

पिता बोले- 12 साल बेटे से मिल पाया, भारत सरकार का शुक्रिया

अमीरुद्दीन के पिता हाजी मोहम्मद कुतुबुद्दीन ने बताया कि 18 से 20 साल से मैं किडनी, शुगर जैसी बीमारी से परेशान था। मैं काफी दिनों से लगा था कि मेरा बेटा आ जाए। मेरा बेटा वहां 12 साल तक भटक रहा था।

जिया साहब ने वहां के एंबेसडर से फोन पर बात की और कहा कि अमीरुद्दीन मेरा रिश्तेदार है। मदद कीजिए। अब मेरा बेटा घर आ गया है। वहां मेरे बेटे के साथ ज्यादती हुई है। मेरे बेटे को पोकलेन चलाने के लिए ले जाया गया था और इसे चलाने के लिए ट्रक थमा दिया गया था।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version