भले ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने नगर निगम और प्रशासन को पार्क और ग्रीन बेल्ट में निर्माण नहीं करने के आदेश जारी किए हों लेकिन जिम्मेदार अफसर एनजीटी के आदेशों की भी कोई परवाह नहीं कर रहे हैं। इसका जीता जागता उदाहरण नगर निगम के अंतर्गत आते विश
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पार्क में नगर निगम की ओर से लाइब्रेरी का निर्माण कर दिया गया है। इसके अलावा एक अन्य भवन की नींव डाल दी गई है। ये हाल तब है जब लैय्यर वैली में निगम की ओर से बनाए गए आरसीसी स्ट्रक्चर को एनजीटी के आदेश के बाद खुद निगम को ध्वस्त करना पड़ा था। इसके बाद भी निगम अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
एनजीटी ने ग्रीन बेल्ट को लेकर साफ हिदायत दी है कि ग्रीन बैल्ट एरिया में किसी भी तरह का आरसीसी स्ट्रक्चर का निर्माण नहीं किया जाना है। इसके बाद भी नगर निगम के जोन सी के अंतर्गत विश्वकर्मा पार्क में यह लाइब्रेरी तैयार कर दी गई। करीब 13 लाख से इसका निर्माण किया गया है।
प्रमुख सचिव को शिकायत भेजी थी
काउंसिल ऑफ इंजीनियर्स के अध्यक्ष इंजीनियर कपिल अरोड़ा ने अक्टूबर 2022 में ढोलेवाल चौक के पास स्थित 350 वर्ग गज क्षेत्रफल वाले पार्क को लेकर प्रमुख सचिव को शिकायत भेजी थी। आरोप लगाया था कि निगम द्वारा पर्यावरण मानदंडों के खिलाफ जाकर लाइब्रेरी भवन का निर्माण किया गया।
एनजीटी ने 4 अक्टूबर 2024 को निगम को दो सप्ताह में पार्क के जीर्णोद्धार करने के निर्देश दिए थे। निगम ने 5 नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान लाइब्रेरी से पुस्तकों को स्थानांतरित करने की दलील दी थी। वहीं, लाइब्रेरी की देखभाल करने वाली संस्था ने पार्क के संबंध में निगम के खिलाफ अक्टूबर 2024 में एक सिविल मुकदमा दायर किया था और पार्क में स्थित लाइब्रेरी को न गिराने की मांग की थी।
22 अक्टूबर और 4 नवंबर को सुनवाई थी जिसमें निगम से कोई भी अफसर पेश नहीं हुआ। शिकायत में कहा कि नगर निगम प्रमुख तथा अन्य अज्ञात व्यक्ति जानबूझकर किसी वकील के माध्यम से अदालत में पेश नहीं हुए तथा एकपक्षीय हो गए।
पार्क में बनी लाइब्रेरी का विधायक ने उद्घाटन किया था
दुगरी फेज वन।
विश्वकर्मा पार्क।
निगम के दफ्तर को ध्वस्त करें और रिपोर्ट एनजीटी को उपलब्ध कराई जाए। निगम ने खुद इसे जेसीबी से ध्वस्त कर रिपोर्ट एनजीटी को भेजी है। इसके बाद लगा था कि निगम अफसर और नेता इससे सबक लेंगे लेकिन पार्कों में आरसीसी स्ट्रक्चर तैयार कर दिया गया है।